नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। अमित शाह ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने भारत को सुरक्षा के एक ऐसे मजबूत और अभेद्य गढ़ के रूप में स्थापित कर दिया है, जो अपने नागरिकों की पूरी ताकत से रक्षा करता है और देश के दुश्मनों का नामोनिशान मिटा देता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए देश के गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों को गिनाया।
अमित शाह ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद और दुश्मनों की हरकतों पर चुप बैठने वाला देश नहीं रहा। उन्होंने कहा:
“चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाई से सीमा पार के दुश्मनों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब देना हो, या फिर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए उखाड़ फेंकना हो — भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी पक्की प्रतिबद्धता की ऐसी मिसालें पेश की हैं, जिन्हें आज पूरी दुनिया सराह रही है।”
गृह मंत्री ने देश के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र करते हुए दो प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
नक्सलवाद का समूल अंत: उन्होंने कहा कि देश के भीतर विकास और सुरक्षा की दोहरी नीति अपनाकर नक्सलवाद को लगभग पूरी तरह खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की गई है।
पूर्वोत्तर में शांति का नया दौर: नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर राज्यों) की चर्चा करते हुए शाह ने बताया कि पिछले 12 सालों में 12 से ज्यादा शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके कारण उग्रवाद का रास्ता छोड़ हजारों युवा मुख्यधारा में लौटे हैं और वहां आंतरिक सुरक्षा काफी मजबूत हुई है।
अमित शाह के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि 2014 के बाद से भारत की रक्षा नीति में ‘जीरो टॉलरेंस’ (जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट टेररिज्म) की नीति को सख्ती से लागू किया गया है। आज भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर प्रहार करने की ताकत भी रखता है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है।