नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी-अपराधी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े मॉड्यूल के संपर्क में थे। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित कथित नेटवर्क सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि युवाओं को गुमराह कर उन्हें नेटवर्क से जोड़ने तथा विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली-एनसीआर समेत विभिन्न राज्यों में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास से कुछ वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद हुई है, जिनमें सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मौजूद है।
इसके अलावा, आरोपियों पर प्रतिबंधित और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रचार-प्रसार, पोस्टर लगाने तथा भड़काऊ संदेश फैलाने का भी आरोप है। पुलिस ने इनके कब्जे से हथियार और कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
इससे पहले स्पेशल सेल ने इसी मॉड्यूल से जुड़े सात अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उन पर हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी, संवेदनशील स्थानों की रेकी करने तथा जानकारी विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
पुलिस के अनुसार, मई माह में मिली खुफिया सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान नेटवर्क के कई सदस्यों की पहचान हुई और एक-एक कर गिरफ्तारियां की गईं। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क का संचालन अत्याधुनिक और गोपनीय संचार माध्यमों के जरिए किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और फर्जी डिजिटल पहचान का इस्तेमाल कर युवाओं तक पहुंचता था। उन्हें जल्दी पैसा कमाने और अन्य प्रलोभन देकर नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी हवाला चैनलों, अस्थायी मोबाइल नंबरों और फर्जी सोशल मीडिया खातों का उपयोग कर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने का प्रयास करते थे। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं।