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दर्द से राहत या किडनी पर खतरा? पेनकिलर के बढ़ते इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली। सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों की तकलीफ या मामूली शारीरिक परेशानी होने पर दर्द निवारक दवाओं का सेवन आज आम बात हो गई है। अधिकांश लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर खरीदकर इस्तेमाल कर लेते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यही आदत भविष्य में गंभीर किडनी रोगों […]

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  • June 18, 2026 11:15 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों की तकलीफ या मामूली शारीरिक परेशानी होने पर दर्द निवारक दवाओं का सेवन आज आम बात हो गई है। अधिकांश लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर खरीदकर इस्तेमाल कर लेते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यही आदत भविष्य में गंभीर किडनी रोगों का कारण बन सकती है। लगातार और अनियंत्रित रूप से दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे प्रभावित कर रहा है, जो एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक और अन्य दर्द निवारक दवाएं तत्काल राहत तो देती हैं, लेकिन इनका लंबे समय तक उपयोग किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। किडनी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और रक्त को शुद्ध करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। जब इन दवाओं का अत्यधिक सेवन किया जाता है, तो किडनी तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

हाल ही में विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में लोग मामूली दर्द होने पर भी पेनकिलर का सहारा लेते हैं। कई मामलों में लोग डॉक्टर की सलाह के बिना लगातार दवाएं लेते रहते हैं, जिससे किडनी रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दर्द निवारक दवाओं का दुरुपयोग क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) और किडनी फेल होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

चिंता की बात यह है कि किडनी को होने वाला नुकसान शुरुआती चरण में अक्सर दिखाई नहीं देता। मरीज को लंबे समय तक कोई विशेष लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन अंदर ही अंदर किडनी की क्षमता कम होती रहती है। जब समस्या गंभीर हो जाती है, तब शरीर में सूजन, थकान, भूख कम लगना, पेशाब की मात्रा में बदलाव और उच्च रक्तचाप जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों, मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इन लोगों में पेनकिलर के दुष्प्रभाव अधिक तेजी से देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी दर्द की स्थिति में लंबे समय तक स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे दर्द निवारक दवाओं का उपयोग केवल आवश्यकता और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करें। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त पानी का सेवन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी को सुरक्षित रखा जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी भविष्य में किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

किडनी शरीर का एक अनमोल अंग है और इसकी सुरक्षा हर व्यक्ति की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए दर्द से त्वरित राहत पाने की जल्दबाजी में ऐसी आदतें न अपनाएं, जो भविष्य में आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती हैं।

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