नोएडा/जेवर। देश के सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी हवाई अड्डों में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से हवाई सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। आगामी 1 जुलाई से इंडिगो एयरलाइंस यहां से देश के 12 प्रमुख शहरों के लिए नियमित वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू करने जा रही है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक हवाई यात्रा का विकल्प मिलेगा।
एयरलाइन द्वारा जारी उड़ान कार्यक्रम के अनुसार, 1 जुलाई से जेवर एयरपोर्ट से मुंबई, श्रीनगर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़, लखनऊ, जयपुर, पंतनगर और चंडीगढ़ के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जाएंगी। इन सभी मार्गों के लिए टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी गई है, जिससे यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है।
इससे पहले इंडिगो 16 जून से ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चार प्रमुख शहरों के लिए दैनिक उड़ानों का संचालन कर रही है। एयरलाइन की शुरुआती सेवाओं को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब 12 नए शहरों को जोड़ने के बाद एयरपोर्ट का नेटवर्क और मजबूत होगा तथा यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
वहीं, अन्य निजी एयरलाइंस भी जेवर एयरपोर्ट से अपनी सेवाओं का विस्तार करने की तैयारी में हैं। अकासा एयर पहले से नई मुंबई और बेंगलुरु के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी जल्द ही अन्य शहरों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर सकती है। इससे एयरपोर्ट पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होने वाली भीड़ और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है, जिसके कारण यात्रियों को समय और सुविधा दोनों के स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली नई उड़ानें प्रतिदिन इन शहरों के लिए जाएंगी और निर्धारित समय पर वापस भी लौटेंगी। इससे व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के लिए सीधी कनेक्टिविटी क्षेत्रीय विकास को भी गति दे सकती है।
विशेष रूप से देहरादून, धर्मशाला, श्रीनगर और पंतनगर जैसे पर्यटन स्थलों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं, जयपुर, लखनऊ, भोपाल और मुंबई जैसे शहरों के लिए बेहतर संपर्क व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि आने वाले महीनों में और अधिक एयरलाइंस को जोड़ा जाएगा तथा घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को लगातार उन्नत किया जा रहा है।
जानकारों के अनुसार, 16 शहरों के लिए नियमित उड़ानें शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हालांकि फिलहाल अधिकांश उड़ानें दिन के समय संचालित की जा रही हैं, लेकिन मांग बढ़ने पर रात्रिकालीन उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के लिए एक वैकल्पिक और आधुनिक एविएशन हब के रूप में विकसित होना है। 1 जुलाई से शुरू होने वाली नई उड़ानों के साथ यह लक्ष्य और अधिक मजबूत होता दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख हवाई केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है और क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।