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कमाई की रफ्तार में सुपरफास्ट निकली वंदे भारत एक्सप्रेस

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस लगातार यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। आधुनिक सुविधाओं, तेज रफ्तार और बेहतर यात्रा अनुभव के कारण इन ट्रेनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच तिरुवनंतपुरम-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ने कमाई और यात्री संख्या दोनों के मामले में नया कीर्तिमान […]

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Gauravshali Bharat News
  • June 24, 2026 4:22 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस लगातार यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। आधुनिक सुविधाओं, तेज रफ्तार और बेहतर यात्रा अनुभव के कारण इन ट्रेनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच तिरुवनंतपुरम-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस ने कमाई और यात्री संख्या दोनों के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु के बीच संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस ने अगस्त से अक्टूबर 2025 के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इस अवधि में ट्रेन ने लगभग 73.35 लाख रुपये की आय अर्जित की और दक्षिण रेलवे क्षेत्र में संचालित वंदे भारत सेवाओं के बीच सबसे अधिक राजस्व जुटाने वाली ट्रेन बन गई।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस रूट की सफलता के पीछे इसकी रणनीतिक कनेक्टिविटी बड़ी वजह है। यह ट्रेन केरल और कर्नाटक के कई प्रमुख शहरों, शैक्षणिक केंद्रों, व्यापारिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को जोड़ती है। यही कारण है कि यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

कमाई के साथ-साथ यात्री बुकिंग के आंकड़े भी इस ट्रेन की लोकप्रियता को दर्शाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित अवधि में इस सेवा के लिए लगभग 11,896 बुकिंग दर्ज की गईं, जो दक्षिण रेलवे के अन्य वंदे भारत रूटों की तुलना में अधिक रही। यात्रियों का कहना है कि कम समय में गंतव्य तक पहुंचने और बेहतर सुविधाओं के कारण वे इस ट्रेन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने टिकट बुकिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब यात्री शुरुआती और मध्यवर्ती स्टेशनों से ट्रेन रवाना होने से मात्र 15 मिनट पहले तक उपलब्ध सीटों की बुकिंग कर सकते हैं। रेलवे का मानना है कि यह सुविधा अंतिम समय में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण रेलवे की सभी वंदे भारत ट्रेनों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। इस अवधि में करीब 77.38 लाख यात्रियों ने वंदे भारत सेवाओं का उपयोग किया, जिससे 803 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि मानी जा रही है।

अप्रैल और मई 2026 के आंकड़े भी रेलवे के लिए उत्साहजनक रहे हैं। केवल दो महीनों में लगभग 15.21 लाख यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा की, जिससे करीब 163 करोड़ रुपये की आय हुई। इससे स्पष्ट है कि देशभर में वंदे भारत सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में वंदे भारत ट्रेनों की यात्री संख्या और आय दोनों में और वृद्धि हो सकती है।

 

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