लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। गुरुवार को जारी की गई सूची में कुल 64 पदाधिकारियों को संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी स्थान दिया है।
नई टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 19 मंत्री, 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 6 कार्यालय मंत्री तथा 6 मोर्चा अध्यक्ष शामिल किए गए हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार यह नियुक्तियां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की स्वीकृति के बाद की गई हैं। पार्टी ने विभिन्न सामाजिक वर्गों, क्षेत्रों और संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखते हुए संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
नई सूची में उपाध्यक्ष पद पर सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, जय बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, वीरेन्द्र कोरी, निर्मला पासवान, दयाशंकर शाक्य, नेहरा सिंह, तेज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिक अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, महामंत्री पद पर रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा और उपेंद्र रावत सहित अन्य नेताओं को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेष पदाधिकारियों की सूची में विभिन्न क्षेत्रों और संगठनात्मक इकाइयों के नेताओं को शामिल किया गया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। नई टीम को प्रदेश के सभी जिलों में संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने, सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने तथा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुट चुकी है। संगठन में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के संतुलन से पार्टी सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश कर रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा का संगठन हमेशा चुनावी सफलता का प्रमुख आधार माना जाता रहा है। ऐसे में नई प्रदेश टीम का गठन आगामी चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अब जल्द ही प्रदेश, क्षेत्र और जिला स्तर पर बैठकों का सिलसिला शुरू कर सकता है, जिसमें नई टीम को संगठनात्मक लक्ष्य और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नई कार्यकारिणी के माध्यम से भाजपा बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान और लाभार्थी संपर्क कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम करेगी। साथ ही संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर रहेगा।
भाजपा की इस नई प्रदेश टीम की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में नई टीम प्रदेशभर में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने के साथ-साथ चुनावी तैयारियों को भी नई गति देने का प्रयास करेगी।