मूवी रिव्यू: ‘वेलकम टू द जंगल

हंसी का ओवरडोज; सालों बाद अक्षय-रवीना की जोड़ी ने लूटी महफिल मनोरंजन डेस्क। अगर आप सिनेमाघर में दिमाग को घर पर रखकर सिर्फ और सिर्फ हंसने के इरादे से जाना चाहते हैं, तो इस हफ्ते रिलीज हुई मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ आपके लिए ही बनी है। अहमद खान के निर्देशन में बनी […]

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  • June 26, 2026 12:49 pm IST, Published 2 hours ago

हंसी का ओवरडोज; सालों बाद अक्षय-रवीना की जोड़ी ने लूटी महफिल

मनोरंजन डेस्क। अगर आप सिनेमाघर में दिमाग को घर पर रखकर सिर्फ और सिर्फ हंसने के इरादे से जाना चाहते हैं, तो इस हफ्ते रिलीज हुई मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ आपके लिए ही बनी है। अहमद खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म शुरुआत से ही एक बात साफ कर देती है—यहाँ लॉजिक बिल्कुल छुट्टी पर है और हंसी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रही है। करीब तीन दर्जन दिग्गज कलाकारों से सजी यह फिल्म हर कुछ मिनट में एक नया बवाल और नया कॉमिक पंच लेकर आती है।

क्या है फिल्म की मजेदार कहानी?

कहानी की शुरुआत होती है एक बड़े बिजनेसमैन सिन्हा (जाकिर हुसैन) से। सरकार बदलते ही सिन्हा का काला धन सरकारी एजेंसियों के रडार पर आ जाता है। इस मुसीबत से बचने के लिए उसका सेक्रेटरी दुबे (जॉनी लीवर) एक गजब का आइडिया देता है—पूरा ब्लैक मनी एक फ्लॉप फिल्म बनाने में लगा दिया जाए।

इसके बाद एंट्री होती है दो नाकाम निर्देशकों देव और दास (राजपाल यादव और परेश रावल), फ्लॉप एक्टर राजीव (अक्षय कुमार) और कमजोर नजर वाले कैमरामैन (श्रेयस तलपड़े) की। इसी बीच सिन्हा के घर पर छापा पड़ जाता है और उसकी पूरी संपत्ति जब्त हो जाती है। अब आखिरी उम्मीद इसी फिल्म पर टिकी है। बजट खत्म हो चुका है और फिल्म को एक ही दिन में ‘जुगाड़’ से पूरा करना है। पूरी टीम शूटिंग के लिए बॉर्डर के पास ‘आजादगंज’ गांव पहुंचती है, जहां गांव वाले इन्हें गलती से असली भारतीय सेना समझ बैठते हैं, जो आतंकी सरगना जतारा के जुल्मों से परेशान हैं। इसके बाद शुरू होता है असली कन्फ्यूजन और कॉमेडी का जबरदस्त तड़का।

एक्टिंग: अक्षय कुमार का पुराना अंदाज और अक्षय-रवीना का जादू

  • अक्षय कुमार: खिलाड़ी कुमार अपने उसी पुराने, चुलबुले कॉमिक अवतार में लौटे हैं जिससे उन्होंने सालों पहले दर्शकों का दिल जीता था। कमाल की बात यह है कि फिल्म में उन्होंने खुद अपनी इमेज पर कई चुटकुले कसे हैं, जो सबसे ज्यादा हंसाते हैं।

  • रवीना टंडन: भले ही रवीना का स्क्रीन टाइम थोड़ा कम है, लेकिन पर्दे पर आते ही वह छा जाती हैं। सालों बाद अक्षय और रवीना को एक साथ स्क्रीन शेयर करते देखना इस फिल्म का सबसे बड़ा ‘यूएसपी’ और यादगार लम्हा है।

  • सपोर्टिंग कास्ट: सुनील शेट्टी ‘आवारा पागल दीवाना’ वाले अपने पुराने स्वैग में जमे हैं। अरशद वारसी, परेश रावल, राजपाल यादव और जॉनी लीवर की कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। जैकी श्रॉफ विलेन के रूप में प्रभावित करते हैं, जबकि दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस फिल्म में ग्लैमर का जबरदस्त तड़का लगाती हैं।

डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष

दिवंगत नीरज वोहरा की लिखी यह कहानी बेहद दिलचस्प है। निर्देशक अहमद खान की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने बॉलीवुड के इतने सारे बड़े सितारों की फौज को एक साथ बखूबी संभाला है और हर किसी को चमकने का बराबर मौका दिया है। फिल्म के डायलॉग्स बेहद मजेदार हैं।

हालांकि, फिल्म की एडिटिंग थोड़ी कमजोर लगती है। खासकर पहले हाफ में कुछ सीन्स जरूरत से ज्यादा लंबे खींच दिए गए हैं। अगर एडिटिंग थोड़ी और कसी होती तो फिल्म का मजा दोगुना हो जाता। फिल्म का VFX और संगीत औसत है, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी के माहौल को पूरी तरह सपोर्ट करता है।

फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं?

‘वेलकम टू द जंगल’ एक परफेक्ट ‘पॉपकॉर्न एंटरटेनर’ फिल्म है। इसमें तर्क या गहरा अर्थ तलाशने की कोशिश न करें, क्योंकि अगर आप लॉजिक ढूंढेंगे तो हंसी मिस कर देंगे। वीकेंड पर परिवार और दोस्तों के साथ ठहाके लगाने और तनाव दूर करने के लिए यह एक बेहतरीन पैसा-वसूली फिल्म है।

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