• होम
  • महाराष्ट्र
  • महाराष्ट्र में मनोरंजन कर नहीं, मुंबई फिल्म उद्योग की पहली पसंद: फडणवीस

महाराष्ट्र में मनोरंजन कर नहीं, मुंबई फिल्म उद्योग की पहली पसंद: फडणवीस

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के फिल्म उद्योग और मनोरंजन क्षेत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के समय ही मनोरंजन कर को पूरी तरह समाहित कर दिया था। यही कारण है कि राज्य में प्रदर्शित होने वाली सभी फिल्में […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 6, 2026 3:45 pm IST, Published 45 minutes ago

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के फिल्म उद्योग और मनोरंजन क्षेत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के समय ही मनोरंजन कर को पूरी तरह समाहित कर दिया था। यही कारण है कि राज्य में प्रदर्शित होने वाली सभी फिल्में मनोरंजन कर से मुक्त हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुंबई का फिल्म उद्योग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में अपनी तरह का अनूठा इकोसिस्टम है, जिसकी बराबरी किसी अन्य शहर के लिए आसान नहीं है।

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार शुरू से ही फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन देने की नीति पर काम करती रही है। उन्होंने बताया कि जब देशभर में जीएसटी व्यवस्था लागू की गई थी, तब महाराष्ट्र उन चुनिंदा राज्यों में शामिल था जिसने मनोरंजन कर को अलग से जारी रखने के बजाय उसे नई कर प्रणाली में शामिल कर दिया। इसके बाद राज्य में अलग से मनोरंजन कर नहीं लिया जाता, जिससे फिल्म उद्योग को राहत मिली और कारोबार को बढ़ावा मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में रिलीज होने वाली सभी फिल्मों को इस व्यवस्था का लाभ मिलता है। उनका मानना है कि इससे फिल्म निर्माताओं, वितरकों और प्रदर्शकों को बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हमेशा ऐसा वातावरण तैयार करना रहा है, जिससे फिल्म उद्योग को विकास के अधिक अवसर मिल सकें।

मुंबई की पहचान पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि जिस तरह दुनिया में दूसरी मुंबई तैयार करना आसान नहीं है, उसी तरह फिल्म उद्योग का मौजूदा स्वरूप भी किसी दूसरे शहर में उसी स्तर पर विकसित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुंबई केवल एक शहर नहीं, बल्कि दशकों से विकसित हुआ एक ऐसा रचनात्मक और व्यावसायिक केंद्र है, जहां फिल्म निर्माण से जुड़े सभी संसाधन एक साथ उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि मुंबई में कलाकारों, निर्देशकों, निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं और वितरण नेटवर्क का मजबूत तंत्र मौजूद है। यही कारण है कि यह शहर भारतीय फिल्म उद्योग की धुरी बना हुआ है। उनके अनुसार, इस पूरे इकोसिस्टम का निर्माण वर्षों की मेहनत और अनुभव का परिणाम है, जिसे किसी अन्य स्थान पर तुरंत तैयार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार भविष्य में भी फिल्म उद्योग के विकास के लिए सकारात्मक नीतियां अपनाती रहेगी। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर शूटिंग सुविधाओं और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इससे न केवल मनोरंजन उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

फडणवीस ने संकेत दिया कि फिल्म उद्योग केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को भी गति देता है। बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग से जुड़े हैं। इसलिए सरकार इस क्षेत्र को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

फिल्म निर्माण के लिए महाराष्ट्र लंबे समय से देश का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां मौजूद स्टूडियो, तकनीकी विशेषज्ञ, कलाकार और आधुनिक सुविधाएं देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्मों की शूटिंग महाराष्ट्र में होती है।

मुख्यमंत्री के इस बयान को राज्य में फिल्म उद्योग को लेकर सरकार के स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि मुंबई का फिल्म इकोसिस्टम अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और आने वाले समय में भी महाराष्ट्र सरकार इसे और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

 

 

Advertisement