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DU Admission 2026: री-इवैल्यूएशन वाले छात्र ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे उन छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जिन्होंने CBSE कक्षा 12 की परीक्षा के परिणाम का री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) कराया है। ऐसे छात्रों को अब संशोधित परिणाम आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया […]

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  • June 27, 2026 4:00 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे उन छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जिन्होंने CBSE कक्षा 12 की परीक्षा के परिणाम का री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) कराया है। ऐसे छात्रों को अब संशोधित परिणाम आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र फिलहाल अपने पुराने अंकों के आधार पर कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। बाद में जब री-इवैल्यूएशन का परिणाम जारी हो जाएगा, तब वे अपने नए अंक पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय के इस फैसले से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी, जो संशोधित मार्कशीट का इंतजार कर रहे थे और प्रवेश प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका जता रहे थे। विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि CSAS पोर्टल कई सप्ताह तक खुला रहेगा, जिससे छात्रों को अपने अंकों में संशोधन करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

पुराने अंकों से करें आवेदन

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार जिन छात्रों ने CBSE की मार्कशीट के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है, उन्हें फिलहाल उपलब्ध अंकों के आधार पर ही CSAS पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन पूरा करना चाहिए। इससे उनका प्रवेश आवेदन समय पर दर्ज हो जाएगा और उन्हें किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही री-इवैल्यूएशन का परिणाम जारी होगा और संशोधित मार्कशीट उपलब्ध होगी, छात्र अपने लॉगिन के माध्यम से नए अंक अपडेट कर सकेंगे। इसके बाद सीट आवंटन प्रक्रिया में उन्हीं संशोधित अंकों को ध्यान में रखा जाएगा, यदि वे समय सीमा के भीतर अपडेट कर दिए जाते हैं।

छात्रों की चिंता दूर करने की कोशिश

हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र अपने परिणामों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करते हैं। कई बार संशोधित परिणाम आने में कुछ समय लग जाता है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों में असमंजस की स्थिति बन जाती है। इस बार भी अनेक छात्र इस बात को लेकर चिंतित थे कि यदि उनके नए अंक समय पर नहीं आए तो वे DU में आवेदन नहीं कर पाएंगे।

इसी स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया और मार्क्स अपडेट करने की सुविधा अलग-अलग चरणों में उपलब्ध रहेगी।

CSAS पोर्टल रहेगा खुला

दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि CSAS पोर्टल कई सप्ताह तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान छात्र अपने शैक्षणिक विवरण, अंक और अन्य आवश्यक जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। इससे री-इवैल्यूएशन कराने वाले छात्रों को पर्याप्त समय मिलेगा और वे बिना किसी जल्दबाजी के संशोधित अंक अपलोड कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। इससे तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकेगा।

प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। जिन छात्रों के अंक री-इवैल्यूएशन के बाद बदलते हैं, उन्हें संशोधित परिणाम के आधार पर उचित अवसर मिलेगा। हालांकि विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नए अंक अपडेट करना अनिवार्य होगा।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

CSAS पोर्टल पर समय रहते आवेदन करें।

फिलहाल उपलब्ध मार्कशीट के अनुसार अंक दर्ज करें।

री-इवैल्यूएशन का परिणाम आने पर तुरंत नए अंक अपडेट करें।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी सभी नोटिफिकेशन नियमित रूप से देखते रहें।

अंतिम तिथि से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय का यह निर्णय छात्रों के हित में है। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिनके अंक री-इवैल्यूएशन के बाद बढ़ने की संभावना है। यदि उन्हें संशोधित परिणाम का इंतजार करना पड़ता, तो प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। अब छात्र समय पर आवेदन भी कर सकेंगे और बाद में अपने नए अंक भी दर्ज कर पाएंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल है और हर वर्ष लाखों छात्र यहां प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों के लिए जारी यह व्यवस्था प्रवेश प्रक्रिया को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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