कासगंज (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सोमवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया, जब प्रशिक्षण उड़ान पर निकला एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान उड़ा रही 27 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय विमान में केवल पायलट ही मौजूद थीं और घटना में किसी स्थानीय नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब विमान लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। अचानक विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते विमान नीचे गिरते हुए हाईटेंशन बिजली की तारों में उलझ गया और खेत में जा गिरा। संयोगवश उस समय बिजली की 33 केवी लाइन में करंट नहीं था। यदि लाइन चालू होती तो विमान में आग लगने या बड़ा विस्फोट होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सोमवार दोपहर लगभग 3:30 बजे हुई। विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था और नियमित अभ्यास के दौरान अचानक तकनीकी या संतुलन संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा। कुछ ही क्षणों में विमान नीचे आने लगा और खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी गई।
महिला ट्रेनी पायलट घायल
हादसे में महिला ट्रेनी पायलट को चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों और राहत टीम ने उन्हें सुरक्षित विमान से बाहर निकाला। मौके पर पहुंची एंबुलेंस के जरिए पहले उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
बिजली की तारों में उलझा विमान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के दौरान विमान पहले हाईटेंशन बिजली की तारों से टकराया और फिर खेत में गिर गया। बिजली विभाग के अधिकारियों ने एहतियातन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जांच की और घटनास्थल को सुरक्षित बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तारों में उस समय विद्युत प्रवाह होता तो हादसा कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
मौके पर जुटी लोगों की भीड़
विमान गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे जांच प्रक्रिया में बाधा न डालें और अफवाहों से बचें।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और विमान के मलबे को सुरक्षित कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ विमान के इंजन, नियंत्रण प्रणाली तथा अन्य उपकरणों की जांच करेंगे।
तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि, जांच के बाद होगा खुलासा
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। जांच एजेंसियां विमान की तकनीकी स्थिति, मौसम की परिस्थितियों और उड़ान से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण उड़ानों से पहले विमान की तकनीकी जांच, मौसम का आकलन और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना बेहद जरूरी है। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
राहत की बात, बड़ा नुकसान टला
इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि विमान किसी रिहायशी इलाके में नहीं गिरा और आसपास मौजूद लोगों को कोई चोट नहीं पहुंची। खेत में दुर्घटनाग्रस्त होने और बिजली की लाइन में करंट न होने के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया है और जांच पूरी होने तक लोगों को दुर्घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी है।
फिलहाल घायल महिला पायलट का इलाज जारी है और प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे तकनीकी कारण थे या कोई अन्य परिस्थिति जिम्मेदार थी।