मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब लखनऊ से नोएडा जा रही एक वोल्वो बस आगे चल रहे ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस, एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वोल्वो बस लखनऊ से नोएडा की ओर जा रही थी। मथुरा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस अचानक आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने, तेज रफ्तार या पर्याप्त दूरी न बनाए रखने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
हादसे के समय अधिकांश यात्री बस में सो रहे थे। अचानक जोरदार टक्कर होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सीटों के बीच फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और राहत टीम ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
चार लोगों की मौके पर मौत
पुलिस के अनुसार इस दुर्घटना में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। घायलों में पुरुष, महिलाएं और अन्य यात्री शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
राहत और बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एक्सप्रेसवे की इमरजेंसी रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
राहत कार्य के दौरान कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सामान्य कराया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बस चालक, ट्रेलर चालक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे में गिना जाता है, लेकिन यहां तेज गति के कारण समय-समय पर गंभीर सड़क हादसे होते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चालकों के लिए पर्याप्त आराम, निर्धारित गति सीमा का पालन और सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
बार-बार हो रहे हादसों के बाद सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की मांग भी उठती रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि चालक की थकान, ओवरस्पीडिंग और लापरवाही जैसी वजहों पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे लंबी यात्रा के दौरान सावधानी बरतें, गति सीमा का पालन करें और थकान महसूस होने पर वाहन रोककर आराम करें। इससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
फिलहाल सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी जारी है। दुर्घटना के कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।