मणिपुर के कामजोंग में फिर भड़की हिंसा

नगा और कुकी गुटों के बीच झड़प में 20 से अधिक घर जलाए गए मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के निकट बुधवार को हिंसा ने फिर से उग्र रूप ले लिया। कामजोंग के गांवों में नगा और कुकी गुटों के बीच हुई सशस्त्र झड़पों में 20 से अधिक घरों को आग के हवाले […]

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  • July 2, 2026 8:19 am IST, Published 2 hours ago

नगा और कुकी गुटों के बीच झड़प में 20 से अधिक घर जलाए गए

मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के निकट बुधवार को हिंसा ने फिर से उग्र रूप ले लिया। कामजोंग के गांवों में नगा और कुकी गुटों के बीच हुई सशस्त्र झड़पों में 20 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

हिंसा का घटनाक्रम पुलिस के अनुसार, हिंसा की शुरुआत सुबह हुई जब कुकी गांव के हथियारबंद लोगों ने नगा गांव पर हमला कर कम से कम 10 घरों में आग लगा दी। दोपहर तक स्थिति और अधिक बिगड़ गई, जब नगा समुदाय की ओर से जवाबी कार्रवाई में अन्य गांवों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 12 और घर जलकर राख हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है। वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

मणिपुर में जारी हिंसा का कारण मणिपुर में लंबे समय से जातीय और धार्मिक तनाव बना हुआ है। इस साल मई में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक 130 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 400 लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 60,000 से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। झड़पों के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़, धार्मिक स्थलों (चर्च और मंदिर) को नुकसान पहुँचाने और पुलिस थानों से हथियार लूटने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

कौन-कौन से समुदाय हैं शामिल? मणिपुर में मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच दशकों से भूमि अधिकारों और धार्मिक मतभेदों को लेकर संघर्ष जारी है। हालांकि, इस साल मई से शुरू हुई हालिया हिंसा मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच केंद्रित है।

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