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यूपी में जल सारथी ऐप से हर घर जल योजना हुई हाईटेक, गांव-गांव तक पहुंच रही लाइव मॉनिटरिंग

Jal Sarathi App: गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के मिशन को डिजिटल और पारदर्शी बना रही यूपी सरकार लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल जीवन मिशन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए शुरू […]

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  • May 19, 2026 3:34 pm IST, Published 1 day ago

Jal Sarathi App: गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के मिशन को डिजिटल और पारदर्शी बना रही यूपी सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल जीवन मिशन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए शुरू की गई “जल सारथी ऐप” अब लोगों के लिए बड़ी सहूलियत बनती जा रही है। इस ऐप के जरिए ग्रामीण अपने गांव में चल रही पानी की परियोजनाओं की लाइव जानकारी आसानी से देख पा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की इस डिजिटल पहल से गांवों में पेयजल योजनाओं की मॉनिटरिंग पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। ऐप के जरिए पानी के स्रोत से लेकर घर-घर लगे नल तक की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।

75 जिलों की हजारों परियोजनाएं ऐप से जुड़ीं

विशेष सचिव एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसडब्ल्यूएसडी, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग प्रभास कुमार के मुताबिक प्रदेश के 75 जिलों की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों में लगभग 40 हजार परियोजनाओं के जरिए हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी परियोजनाओं को “जल सारथी ऐप” से जोड़ा जा रहा है ताकि हर काम की लाइव अपडेट लोगों को मिल सके।

पानी की टंकी से घर की टोटी तक ऑनलाइन निगरानी

ऐप में राज्य स्तर से लेकर गांव स्तर तक अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं। किसी गांव में पानी की टंकी, पाइपलाइन या घरेलू नल कनेक्शन का काम पूरा होते ही उसकी जानकारी ऐप पर अपडेट कर दी जाती है।

सभी परियोजनाओं को जियो टैगिंग से जोड़ा जा रहा है, जिससे विभाग और आम लोग दोनों ही किसी भी गांव में चल रहे काम की स्थिति रियल टाइम में देख सकते हैं। इससे पाइपलाइन, मोटर और पानी की टंकियों जैसी संपत्तियों की निगरानी भी आसान हो गई है।

शिकायत के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

जल सारथी ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रामीण अब पानी से जुड़ी शिकायतों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेंगे। ऐप के जरिए लोग नए नल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं और जल आपूर्ति में दिक्कत आने पर सीधे शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।

इतना ही नहीं, ऐप पर प्लंबर, ग्राम प्रधान और जल निगम अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि ग्रामीण सीधे संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान पा सकें।

सड़क मरम्मत की जानकारी भी ऑनलाइन

जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई जगहों पर सड़कों को खोदा गया था। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 2 लाख किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 1.94 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। इसकी जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध कराई जा रही है।

पानी की गुणवत्ता जांच भी हुई पारदर्शी

ग्रामीण इलाकों में साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए गांव स्तर पर महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के जरिए पानी की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी दी गई है।

इन महिलाओं की जानकारी भी ऐप पर मौजूद है ताकि ग्रामीण उनके काम की पुष्टि कर सकें और विभाग जवाबदेही सुनिश्चित कर सके।

डिजिटल यूपी की तरफ बड़ा कदम

योगी सरकार की यह पहल सिर्फ जलापूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता को भी मजबूत कर रही है। “जल सारथी ऐप” के जरिए अब गांवों के लोग घर बैठे जल जीवन मिशन से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर पा रहे हैं।

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