मुंबई: केंद्रीय बैंक (RBI) ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे भ्रामक विज्ञापनों और अभियानों से सावधान रहें जो कर्ज माफी का झूठा दावा करते हैं। आरबीआई ने स्पष्ट कहा है कि आम जनता को ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं के झांसे में नहीं आना चाहिए।
केंद्रीय बैंक ने चिंता जताई है कि कुछ लोग और कंपनियां अलग-अलग माध्यमों और सीधे संपर्क के जरिए ऐसे अभियान चला रहे हैं, जिनमें बैंकों या एनबीएफसी के कर्ज को माफ कराने का दावा किया जाता है। ये ठग नकली ‘लोन माफी सर्टिफिकेट’ या अन्य फर्जी दस्तावेज देकर लोगों से सेवा शुल्क या कानूनी फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं।
आरबीआई के अनुसार, इस तरह की सेवाओं का दावा करने वाले पूरी तरह भ्रामक और धोखाधड़ी करने वाले हैं, और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों से बैंकों की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचता है। साथ ही, इनके चक्कर में आने वाले लोगों को आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है। इसलिए आरबीआई ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था से दूरी बनाए रखें।
वहीं सेबी ने देश की वित्तीय प्रणाली को मजबूत करने के लिए सेक्युरिटाइजेशन ढांचे में बड़े बदलावों पर विचार कर रहा है। सेक्युरिटाइजेशन एक प्रक्रिया है, जिसमें बैंक या वित्तीय संस्थान अपने दिए गए कर्ज (जैसे होम लोन या कार लोन) को एकत्र करके निवेश प्रमाणपत्र के रूप में निवेशकों को बेचते हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सेबी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर अधिक सतर्क हो गया है और जल्द ही कंपनियों के लिए इस संबंध में नई एडवाइजरी जारी करेगा।