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पाटलिपुत्र स्टेशन पर बेकाबू हुआ छात्रों का गुस्सा: ट्रेनों में तोड़फोड़, पथराव और हवाई फायरिंग से मचा हड़कंप

पटना : बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों का गुस्सा रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा। ट्रेनों की कमी, अत्यधिक भीड़ और रेलगाड़ियों के घंटों विलंब से पहुंचने के कारण नाराज छात्रों ने स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन […]

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  • June 14, 2026 1:15 pm IST, Published 1 hour ago

पटना : बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों का गुस्सा रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा। ट्रेनों की कमी, अत्यधिक भीड़ और रेलगाड़ियों के घंटों विलंब से पहुंचने के कारण नाराज छात्रों ने स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और कुछ उपद्रवी तत्वों ने ट्रेनों पर पथराव तथा तोड़फोड़ शुरू कर दी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। घटना के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने के लिए पटना पहुंचे थे। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए छात्र देर रात से ही पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर जमा होने लगे थे। लेकिन यात्रियों की तुलना में ट्रेनों की संख्या बेहद कम थी। इसके अलावा कई ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से पहुंच रही थीं, जिससे छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही थी। अभ्यर्थियों को डर था कि यदि वे समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।

सुबह होते-होते स्टेशन पर हजारों छात्रों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच कटिहार की ओर जाने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेन स्टेशन पर पहुंची तो उसमें चढ़ने के लिए अफरा-तफरी मच गई। सीटों और जगह की कमी के कारण छात्र एक-दूसरे से धक्का-मुक्की करने लगे। कई छात्र ट्रेन की छत और इंजन तक पर चढ़ गए। हालात बिगड़ते देख रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों का संचालन रोक दिया और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धीरे-धीरे विरोध प्रदर्शन उग्र होता गया। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन के डिब्बों पर पथराव शुरू कर दिया। कई कोचों के शीशे टूट गए और रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। स्टेशन परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे आम यात्रियों में भय का माहौल पैदा हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पहले छात्रों को समझाने और स्थिति शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती चली गई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालात पूरी तरह बेकाबू होते देख पुलिस को तीन राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। फायरिंग के बाद भीड़ में भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

इस दौरान पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ अधिकारियों और जवानों को हल्की चोटें आई हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए रेल परिचालन प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया गया। कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तोड़फोड़, पथराव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर रेलवे अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

यह घटना एक बार फिर बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान भीड़ प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यदि रेलवे प्रशासन समय रहते पर्याप्त विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करता और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेहतर इंतजाम किए जाते, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। फिलहाल पाटलिपुत्र स्टेशन पर शांति बहाल कर दी गई है, लेकिन इस घटना ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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