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कांवड़ यात्रा के दौरान 7 से 12 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का हिस्सा रहेगा बंद

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर में यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 7 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) के एक हिस्से को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा। यह प्रतिबंध […]

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  • July 25, 2026 12:24 pm IST, Published 1 hour ago

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर में यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 7 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) के एक हिस्से को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा। यह प्रतिबंध यूपी गेट से काशी टोल प्लाजा तक लागू रहेगा।

प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में इस मार्ग पर बड़ी संख्या में कांवड़िए गुजरेंगे। ऐसे में उनकी सुरक्षा और यात्रा को बाधारहित बनाने के लिए एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर सामान्य वाहनों का संचालन पूरी तरह रोकने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग का उपयोग करते हैं, इसलिए यातायात प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) की लेन का उपयोग कर गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस विभिन्न प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती करेगी, ताकि यातायात सुचारु बना रहे।

कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा आवश्यक हो तो ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। विशेष रूप से भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्री वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित किए जा सकते हैं।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस, ट्रैफिक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और त्वरित कार्रवाई दल भी सक्रिय रहेंगे।

कांवड़ यात्रा उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं। इसी कारण हर वर्ष इस दौरान यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए जाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का सम्मान करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। इससे यात्रा भी सुरक्षित रहेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।

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