नई दिल्ली: नई दिल्ली स्थित ताज महल होटल में आयोजित सीआईआई दिल्ली स्टेट काउंसिल की बैठक में दिल्ली के पर्यटन, स्किल डेवलपमेंट, इवेंट इंडस्ट्री और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न नीति विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष अपनी चिंताओं और सुझावों को रखा। इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन एवं आयोजन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कपिल मिश्रा ने कहा, “एक आरटीआई में यह सामने आया कि शॉपिंग फेस्टिवल के नाम पर 80 करोड़ रुपये के विज्ञापन जारी किए गए, लेकिन शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन एक दिन भी नहीं हुआ। दिल्ली सरकार उस मॉडल पर काम नहीं करेगी। अगर इंडस्ट्री, मॉल्स और मार्केट्स साथ आते हैं तो सरकार उनके साथ मिलकर एक मजबूत और पारदर्शी शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करेगी, जो केवल एक बार का आयोजन न होकर दिल्ली की स्थायी पहचान बने।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर दिल्ली में बड़े स्तर पर वार्षिक आयोजनों की श्रृंखला तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। नवंबर, दिसंबर और फरवरी जैसे महीनों में दिल्ली के लिए विशेष आयोजन आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि देश और दुनिया के लोग दिल्ली को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर वर्ष बड़े साहित्य उत्सव और म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित करने की तैयारी भी कर रही है।
कपिल मिश्रा ने कहा कि इवेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार “वायबिलिटी गैप फंडिंग” की नीति पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बड़ा आयोजन दिल्ली में होता है और आयोजकों को वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है तो सरकार सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल परमिशन देने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बड़े आयोजनों को सफल बनाने के लिए आवश्यक समर्थन भी प्रदान करेगी।
स्किल डेवलपमेंट को महत्वपूर्ण बताते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, “बहुत बड़ा स्किल गैप है। बहुत सारे बच्चे पढ़े-लिखे हैं लेकिन उनमें वो स्किल नहीं है कि उन्हें तुरंत नौकरी मिल जाए और बहुत सारे इंडस्ट्री ऐसे हैं जिन्हें स्किल्ड लोग मिल नहीं रहे। अगर आप स्किल डेवलपमेंट सेंटर चलाने के लिए तैयार हैं तो उसके लिए जमीन देने के लिए भी मैं तैयार हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार और उद्योग जगत मिलकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीआईआई पहले से स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में कार्य कर रही है और यदि इसे दिल्ली में और अधिक व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाए तो हजारों युवाओं को लाभ मिल सकता है।
बैठक के दौरान कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संकल्प का उल्लेख करते हुए उद्योग जगत से कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की भी अपील की।
उन्होंने कहा, “हम सब लोग ज्यादा से ज्यादा कोशिश कर रहे हैं कि मेट्रो, बस या एक ही गाड़ी से चलें। आप भी अपने संस्थानों में कार पूलिंग को प्रमोट करें। जहां संभव हो वहां सप्ताह में दो या तीन दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करें। फ्यूल सेव करने की कोशिश करें, इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दें और अनावश्यक बिजली खपत से बचें।”
कपिल मिश्रा ने कहा कि यह समय पार्टनरशिप का है। हाथ में हाथ मिलाकर बदलती हुई दिल्ली और बदलते हुए भारत की यात्रा में साथ आगे बढ़ने का समय है। यह शहर बहुत तेजी से बदलने वाला है। नया इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, नई संभावनाएं पैदा होंगी और दिल्ली एक बड़े ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगी।