नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिल्ली-एनसीआर के लिए शुरू की गई ऐतिहासिक सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दिल्ली में आधुनिक, विश्वस्तरीय और फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का कार्य किया है, जिससे राजधानी को ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से राहत मिल रही है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली-एनसीआर में चल रही और प्रस्तावित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी साझा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड कॉरिडोर, टनल और सिग्नल-फ्री सड़क नेटवर्क का निर्माण नहीं हुआ होता तो आज दिल्ली में ट्रैफिक जाम की स्थिति की कल्पना करना भी कठिन होता।
1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं से बदला दिल्ली का भूगोल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केवल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के विकास के लिए 1,31,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रेस वार्ता में घोषणा की कि अब पूर्ण हो चुकी, निर्माणाधीन और आगामी योजनाओं को मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में कुल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क अवसंरचना) परियोजनाओं का दायरा लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए इसे राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बताया। उन्होंने कहा कि आज निरीक्षण के दौरान इस कॉरिडोर का प्रत्यक्ष अनुभव अद्भुत रहा। इससे दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और जेवर एयरपोर्ट के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
आगामी मेगा प्रोजेक्ट्स बदलेंगे दिल्ली का चेहरा
इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से जुड़े कई बड़े आगामी प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। इनमें यूईआर-2 से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के लिए 3500 करोड़ रुपये की छह-लेन परियोजना, नोएडा-फरीदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए 7500 करोड़ रुपये की परियोजना, दिल्ली-अमृतसर-कटरा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, शिवमूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 7000 करोड़ रुपये की टनल परियोजना और एम्स से महिपालपुर-गुरुग्राम तक 5000 करोड़ रुपये का एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम होगा और दिल्ली की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
इसके अलावा कालिंदी कुंज इंटरचेंज एवं फ्लाईओवर, आश्रम-बदरपुर सिक्स-लेन कॉरिडोर, हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से पंजाबी बाग तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी और महरौली से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक सिक्स-लेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से दिल्ली के भीतर यातायात और अधिक तेज, सुरक्षित और अवरोध-मुक्त होगा। केंद्रीय मंत्री द्वारा घोषित आगामी प्रोजेक्ट्स का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की जीवनरेखा बनेंगी।
सड़क निर्माण में ‘कूड़े के पहाड़’ का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि केंद्र सरकार केवल सड़कें ही नहीं बना रही, बल्कि दिल्ली के पर्यावरण सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों से निकलने वाले लाखों टन वेस्ट और इनर्ट मटेरियल का उपयोग सड़क और हाईवे निर्माण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ के साझा प्रयासों से दिल्ली आज ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी पुरानी समस्याओं से बाहर निकलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में दिल्ली एक स्वच्छ, सुगम, आधुनिक और विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी।