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एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए 50 से अधिक योजनाओं का संकलन जारी

दिल्ली सरकार महिला उद्यमियों, विशेषकर घर से व्यवसाय संचालित करने वाली महिलाओं के लिए समर्पित सहायता तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। मंत्री श्री सिरसा ने कहा, “हमने घर से व्यवसाय संचालित करने वाली महिलाओं की अपार क्षमता देखी है

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  • September 26, 2026 4:14 pm IST, Published 13 hours ago

नई दिल्ली: माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार एक मजबूत और सक्षम औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उद्योग विभाग, दिल्ली सरकार ने आज दिल्ली सचिवालय में ‘उद्यम संवाद 2026’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एमएसएमई, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), उद्योग संघों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सरकारी सहायता एवं विकास, नवाचार तथा व्यवसाय विस्तार के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय उद्योग मंत्री  मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग, डीएसआईआईडीसी, भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों तथा उद्योग संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री ने ‘एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए योजनाओं का संकलन’ जारी किया, जिसमें भारत सरकार और दिल्ली सरकार की 50 से अधिक योजनाओं की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराई गई है। इस संकलन का उद्देश्य उद्यमियों को वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी, बाजार तक पहुंच और व्यवसाय विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करना है।

उद्योग मंत्री  सिरसा ने कहा, “हमारा उद्देश्य ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उद्यमी को केवल यह तय करना हो कि वह क्या करना चाहता है और सरकार हर चरण में उसका सहयोग करे। लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त करने से लेकर बाजार, खरीदारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की पहचान करने तक, हम उद्यमियों की पूरी यात्रा में उनका मार्गदर्शन करना चाहते हैं।” सरकार इस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नई औद्योगिक नीति, नई स्टार्टअप नीति, नई निर्यात प्रोत्साहन नीति और दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) विधेयक 2026 पर कार्य कर रही है। व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता देने के लिए एक निर्यात प्रोत्साहन प्रकोष्ठ (Export Promotion Cell) भी स्थापित किया जा रहा है।

एमएसएमई के लिए सरकार की सहायता को रेखांकित करते हुए माननीय उद्योग मंत्री श्री सिरसा ने कहा कि क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) योजना के तहत दिल्ली सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को उनके विकास में सहयोग देने के लिए गारंटी प्रदान की है। Raising and Accelerating MSME Performance (RAMP) कार्यक्रम के तहत एमएसएमई और युवा उद्यमियों को प्रशिक्षण, हैंडहोल्डिंग तथा Government e-Marketplace (GeM) और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग के लिए सहायता दी जा रही है।

महिला उद्यमियों पर विशेष फोकस

माननीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार महिला उद्यमियों, विशेषकर घर से व्यवसाय संचालित करने वाली महिलाओं के लिए समर्पित सहायता तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। मंत्री श्री सिरसा ने कहा, “हमने घर से व्यवसाय संचालित करने वाली महिलाओं की अपार क्षमता देखी है। हम उन्हें उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में आगे बढ़ने में मदद करना चाहते हैं। एक समर्पित सहायता टीम पंजीकरण और अन्य आवश्यकताओं में उनका सहयोग करेगी, ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ औपचारिक व्यावसायिक इकोसिस्टम से जुड़ सकें।”

औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा और व्यावसायिक सुविधाएं

औद्योगिक क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए माननीय उद्योग मंत्री सिरसा ने बताया कि अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुधार कार्यों के लिए निविदाएं जारी की गई हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शनी केंद्र और बिजनेस फैसिलिटेशन स्पेस विकसित करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। इन सुविधाओं से उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, ग्राहकों से जुड़ने और नए व्यावसायिक अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।

माननीय मंत्री सिरसा ने कहा, “हम उद्यमियों की पूरी यात्रा में उनका सहयोग करना चाहते हैं। इसमें उन्हें नए बाजारों तक पहुंच बनाने और उन देशों में अपने उत्पाद बेचने में सहायता करना भी शामिल है, जिनके साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreements) हैं। सरकार को उनके विकास में एक सुविधा प्रदाता और साझेदार की भूमिका निभानी चाहिए।”

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माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के विजन का उल्लेख करते हुए माननीय श्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रक्रियागत चुनौतियों को कम करने और उद्यमियों को अधिक प्रभावी हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकारी योजनाओं, पंजीकरण, बुनियादी ढांचे, वित्त, बाजार तक पहुंच, निर्यात और व्यवसाय विस्तार से जुड़े मुद्दे उठाए। माननीय मंत्री ने कहा कि इस तरह के संवाद उद्योग विभाग को उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने और अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी सहायता तंत्र विकसित करने में मदद करेंगे। यह पहल विकसित भारत के विजन में भी योगदान देगी।

एक दिवसीय ‘उद्यम संवाद 2026’ में भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) तथा निर्यात संबंधी योजनाओं पर भी सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) तथा वित्तीय संस्थानों द्वारा स्टार्टअप योजनाओं, स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) की योजनाओं और CGTMSE पर भी सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैंकों द्वारा भी इंटरेक्टिव सत्र आयोजित किए गए।

 

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