नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर थाना क्षेत्र स्थित मजलिस पार्क की गली नंबर-10 में शनिवार रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। रात करीब 9:19 बजे चार मंजिला मकान की तीसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान सिलेंडर फटने जैसी तेज आवाज सुनाई देने से आसपास के लोग भयभीत हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
तीसरी मंजिल से शुरू हुई आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग चार मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल से शुरू हुई। बताया जा रहा है कि मकान आवास वैज्ञानिक सुदर्शन तिवारी का था। घटना के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन मकान में रखा अधिकांश घरेलू सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग इतनी भीषण थी कि पूरा फ्लोर जलकर राख हो गया और अन्य मंजिलों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग की लपटें काफी ऊंचाई तक दिखाई दे रही थीं। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी।
सिलेंडर फटने से बढ़ी दहशत
घटना के दौरान लोगों ने तेज धमाके की आवाज सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग के बीच घरेलू गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाज आई, जिससे आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि अधिकारियों द्वारा सिलेंडर विस्फोट के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। कई परिवार देर रात तक अपने घरों के बाहर खड़े रहे और आग बुझने का इंतजार करते रहे।
दमकल विभाग ने समय रहते पाया काबू
दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए पांच दमकल वाहनों को लगाया गया। दमकल कर्मियों ने लगातार कई घंटों तक प्रयास कर आग को अन्य मकानों तक फैलने से रोक दिया।
यदि समय पर दमकल विभाग नहीं पहुंचता तो आग आसपास के अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। संकरी गलियों के कारण दमकल कर्मियों को मौके तक पहुंचने और आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास के इलाके को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा। राहत कार्य के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच शुरू कर दी गई है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम की भी सहायता ली जा सकती है।
लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख
आग में मकान के भीतर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, महत्वपूर्ण दस्तावेज, घरेलू उपकरण और अन्य कीमती वस्तुएं पूरी तरह जल गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का वास्तविक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से घर तैयार किया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ जलकर राख हो गया।
स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी
आग लगते ही स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। कई लोगों ने घर के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। साथ ही पुलिस और दमकल विभाग के पहुंचने तक आग को फैलने से रोकने का प्रयास भी किया।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव की जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस सिलेंडर, बिजली के उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराते रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दें।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरण, अग्निशामक यंत्र और सुरक्षित निकासी मार्ग का होना बेहद जरूरी है। समय पर सतर्कता और