सोनम वांगचुक के अनशन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त

 केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई करते हुए इसे अत्यंत गंभीर बताया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को गुरुवार सुबह तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह सुनवाई एक […]

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  • July 15, 2026 5:43 pm IST, Published 52 minutes ago

 केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई करते हुए इसे अत्यंत गंभीर बताया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को गुरुवार सुबह तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह सुनवाई एक जनहित याचिका (PIL) पर हुई, जिसमें मांग की गई है कि 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा, जीवनरक्षक उपचार और आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जाए।

सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय से भोजन न करने के कारण उनकी तबीयत लगातार खराब होती जा रही है। जानकारी के अनुसार उनका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उन्हें लो ब्लड शुगर, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि किसी भी नागरिक का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसकी जान बचाना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी भी है। इसलिए सरकार को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत भी शुरू करनी चाहिए।

इस बीच जंतर-मंतर पर मेडिकल टीम समय-समय पर वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कर रही है। आंदोलन में शामिल साथियों का कहना है कि उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है और कई बार उन्हें सहारा देकर चलाना पड़ रहा है।

NEET पेपर लीक के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ भी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया के माध्यम से सोनम वांगचुक से भावनात्मक अपील की है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। थरूर ने कहा कि वांगचुक ने देश का ध्यान छात्रों के मुद्दों की ओर आकर्षित कर दिया है और अब इन विषयों पर संसद में चर्चा कर समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को आगे भी वांगचुक की आवाज और नेतृत्व की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान भी सोनम वांगचुक लंबे समय तक चर्चा में रहे थे। उस आंदोलन के दौरान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर करीब 170 दिनों तक जोधपुर जेल में रखा गया था।

अब सभी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हुई हैं। साथ ही सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

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