• होम
  • दिल्ली/NCR
  • दिल्ली बारिश: ISKCON मंदिर के पास गिरा विशाल पेड़, यातायात ठप

दिल्ली बारिश: ISKCON मंदिर के पास गिरा विशाल पेड़, यातायात ठप

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार को ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित ISKCON मंदिर के पास एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और सड़क पर लंबा जाम लग गया। पेड़ गिरने से सड़क किनारे खड़े […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 9, 2026 6:00 pm IST, Published 51 minutes ago

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार को ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित ISKCON मंदिर के पास एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और सड़क पर लंबा जाम लग गया। पेड़ गिरने से सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां से कोई राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और संबंधित प्रशासनिक विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची तथा पेड़ हटाने का अभियान शुरू किया। प्रशासन ने क्रेन और अन्य मशीनों की सहायता से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य बनाया जा सके।

लगातार बारिश से कमजोर हुई पेड़ों की जड़ें

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई पुराने और विशाल पेड़ों की जड़ें कमजोर हो गई हैं। मिट्टी में अत्यधिक नमी आने से पेड़ों का संतुलन बिगड़ जाता है और तेज हवा चलने पर उनके गिरने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि मानसून के दौरान पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पेड़ के गिरने की घटना हुई, वह काफी पुराना था। लगातार बारिश और तेज हवा के चलते उसकी जड़ें कमजोर हो गई थीं। अचानक पेड़ गिरने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

दोपहिया वाहन दबे, बड़ा हादसा टला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ गिरने के दौरान सड़क किनारे खड़े दो स्कूटर उसकी चपेट में आ गए। दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि उस समय कोई व्यक्ति उन वाहनों पर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं।

यातायात पर पड़ा असर

पेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली वाहनों और स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजना शुरू किया।

करीब कई घंटों तक इस मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित मार्ग का उपयोग न करें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम

नगर निगम, अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पेड़ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया। पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाओं को काटकर अलग किया गया और भारी मशीनों की सहायता से मुख्य तने को सड़क से हटाया गया। इसके बाद सड़क की सफाई कर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि बारिश के कारण कमजोर हो चुके अन्य पेड़ों की भी पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा और लगातार वर्षा के कारण पेड़ों के गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

नागरिकों के लिए प्रशासन की सलाह

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखकर ही घर से निकलें। सड़क पर जलभराव, गिरे हुए पेड़ या बिजली के तार दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

मानसून में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं

हर वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली में पेड़ गिरने, जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर पुराने और कमजोर पेड़ों का सर्वेक्षण तथा उनकी छंटाई कर ऐसे हादसों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बनाए रखने के साथ-साथ पेड़ों की नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है।

फिलहाल ISKCON मंदिर के पास गिरे पेड़ को हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। प्रशासन पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है तथा लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आपातकालीन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। नागरिकों से भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।

Advertisement