नई दिल्ली। NEET-UG री-एग्जाम के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मुख्यालय पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम में बैठकर देशभर के परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली के माध्यम से विभिन्न राज्यों में स्थापित परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों का अवलोकन किया। बड़ी डिजिटल स्क्रीन पर लाइव फीड देखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा से जुड़े हर चरण पर सतर्कता बनाए रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में NEET री-एग्जाम को लेकर सरकार और NTA दोनों अतिरिक्त सतर्क दिखाई दिए। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और बहुस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या अनियमितता की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
NTA अधिकारियों के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई। एजेंसी ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान किसी बड़ी गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटना की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। इसके अलावा तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी विशेष निगरानी रखी गई, जिससे परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो सकी।
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योग्य और मेहनती विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा मंत्री की यह सक्रियता ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर विश्वास बहाल करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा मंत्री का स्वयं NTA मुख्यालय पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करना इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चाहती। इससे अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच भरोसा बढ़ने की उम्मीद है तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।