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राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन सम्मानित

नई दिल्ली। शाहदरा स्थित ज्योतिनगर में राष्ट्रीय हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर जशाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित साहित्य, काव्य एवं कला के ‘त्रिवेणी समारोह’ में गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जितेन्द्र बच्चन को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. बच्चन ने इस अवसर पर बड़ी विनम्रता के साथ कहा […]

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  • September 14, 2026 8:05 pm IST, Published 26 minutes ago

नई दिल्ली। शाहदरा स्थित ज्योतिनगर में राष्ट्रीय हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर जशाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित साहित्य, काव्य एवं कला के ‘त्रिवेणी समारोह’ में गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जितेन्द्र बच्चन को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. बच्चन ने इस अवसर पर बड़ी विनम्रता के साथ कहा कि यह पुरस्कार मेरे अतीत और वर्तमान के कार्यों को सम्मानित करता है। साथ ही मुझे यह जिम्मेदारी भी देता है कि मैं पत्रकारिता के माध्यम से देश के लिए कुछ और श्रेष्ठ करूं, जो नयी पीढ़ी के पत्रकारों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करता रहे।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जितेन्द बच्चन ने समारोह के साथ-साथ अलग-अलग विधाओं में 10 विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाले सुरेश पाल वर्मा ‘जसाला’ की पुस्तकों का लोकार्पण व उनकी रस्सी चित्रकला की दो द्विवसीय प्रदर्शनी का भी द्वीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने देश की समृद्ध विरासत को रेखांकित करने के लिए श्री ‘जसाला’ जी के साहित्य, काव्य और चित्रकला के परस्पर जुड़ाव की सराहना की। साथ ही कहा कि इस प्रकार के आयोजन (त्रिवेणी संगम) हमारी भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं को एकजुट करने का कार्य करते हैं। इनकी हर विधा में भाषा, साहित्य, काव्य और कला का एक अनूठा व जीवंत प्रवाह देखने को मिलता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जय सिंह आर्य ने की, जबकि बतौर अतिथि ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. बृजपाल सिंह संत, प्रीतम सिंह ‘प्रीतम’ और राजेंद्र वर्मा प्रधान मंचासीन रहे। जसाला फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सभी प्रमुख अतिथियों एवं विशिष्टजनों को प्रतीक चिन्ह, पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं मोतियों की माला से सम्मानित किया। इसके बाद श्री जसाला की कई पुस्तकों व ‘ट्रू मीडिया पत्रिका’विशेषांक का लोकार्पण भी किया गया, जो उन्हीं पर केंद्रित है।

कार्यक्रम में काव्य अनुगूज कवि सम्मेलन ने वातावरण को काव्यात्मक संवेदनाओं से भर दिया। रस्सी चित्रकला प्रदर्शनी ने दिल्ली एनसीआर से आए तमाम साहित्यकारों, कला प्रेमियों व समाजसेवियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। मुख्य अतिथि जितेन्द्र बच्चन ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सामान्यतः उपयोग में आने वाली रस्सी को कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाकर तैयार की गई श्री जसाला की कृतियों का स्पष्ट संदेश है कि सच्ची कला साधारण वस्तु में भी असाधारण संभावनाएं खोज लेती है। चित्रों की मौलिकता, बारीक कारीगरी और कल्पनाशीलता ने सभी को प्रभावित किया।

समारोह को अध्यक्षता कर रहे डॉ. जय सिंह आर्य, अतिथि ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. बृजपाल सिंह संत, प्रीतम सिंह ‘प्रीतम’ और राजेंद्र वर्मा ने भी संबोधित किया। शब्दों ने संवेदना जगाई, कविता ने मन को छुआ और रस्सी की साधारण डोर ने असाधारण कला का रूप लेकर यह संदेश दिया कि सृजन की कोई सीमा नहीं होती। इस अवसर पर राम चरण सिंह साथी, निर्दोष कुमार शर्मा, राजेश मंडार, मनोज कुमार श्रीवास्तव, हेमेन्द्र कुमार एवं सोनू सागर सहित अनेक समाजसेवी, पत्रकार, साहित्यकार व अन्य गणमान्य उपस्थिति रहे।

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