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राम मंदिर ट्रस्ट बनाएगा कर्मचारी नीति, ड्रेस कोड से पहचान होगी आसान

अयोध्या: राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कर्मचारियों के लिए नई कर्मचारी नीति तैयार करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित नीति में कर्मचारियों के पहनावे, आचरण, व्यवहार और कार्यस्थल पर अनुशासन से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सकता है। […]

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  • September 14, 2026 6:00 pm IST, Published 42 minutes ago

अयोध्या: राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कर्मचारियों के लिए नई कर्मचारी नीति तैयार करने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित नीति में कर्मचारियों के पहनावे, आचरण, व्यवहार और कार्यस्थल पर अनुशासन से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किए जाने के बाद अब मंदिर परिसर में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग और निर्धारित पहनावे की व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा रहा है।

राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में अलग-अलग जिम्मेदारियों को संभालने वाले कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुविधा, व्यवस्था और अन्य सेवाओं से जुड़े कार्य करते हैं। ऐसे में कर्मचारियों की पहचान आसानी से हो सके और मंदिर की व्यवस्थाओं में एकरूपता दिखाई दे, इसके लिए ड्रेस कोड को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में कर्मचारियों के लिए निर्धारित पोशाक के साथ-साथ उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर भी नियम तय किए जाने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, नई कर्मचारी नीति में केवल श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के सीधे तौर पर जुड़े कर्मचारियों को ही शामिल करने की बात नहीं है, बल्कि मंदिर की विभिन्न सेवाओं के लिए काम करने वाली सेवा प्रदाता एजेंसियों के कर्मचारियों को भी इसके दायरे में लाया जा सकता है। मंदिर परिसर में सुरक्षा, सफाई, प्रबंधन, तकनीकी सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े कई कर्मचारी अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं देते हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों के लिए एक समान व्यवस्था लागू करने से मंदिर परिसर में कार्यरत लोगों की पहचान अधिक स्पष्ट हो सकती है।

प्रस्तावित नीति में कर्मचारियों के पहनावे के अलावा उनके आचरण को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान रखे जाने की चर्चा है। मंदिर जैसे धार्मिक और संवेदनशील परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों से अनुशासन, शालीन व्यवहार और श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक तरीके से पेश आने की अपेक्षा रहती है। नई नीति में इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के लिए व्यवहार संबंधी दिशा-निर्देश निर्धारित किए जा सकते हैं।

माना जा रहा है कि कर्मचारी नीति तैयार करने की जिम्मेदारी श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दी जा सकती है। इसके तहत मंदिर में अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े कर्मचारियों की आवश्यकताओं का अध्ययन कर नियमों का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित नीति को ट्रस्ट के समक्ष रखा जा सकता है। ट्रस्ट की आगामी बैठक में इस संबंध में चर्चा होने और नीति को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले भक्तों के लिए मंदिर परिसर में सुचारू व्यवस्था बनाए रखना ट्रस्ट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में मंदिर प्रशासन समय-समय पर व्यवस्थाओं में बदलाव और सुधार करता रहा है। कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और आचार संबंधी नियम भी इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा माने जा रहे हैं।

ड्रेस कोड लागू होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में कर्मचारियों की पहचान करना आसान हो सकता है। साथ ही अलग-अलग विभागों और सेवा प्रदाता एजेंसियों के कर्मचारियों के बीच एकरूपता लाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक और प्रस्तावित नीति के अनुमोदन के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल नई कर्मचारी नीति को लेकर तैयारियां चल रही हैं और आने वाले दिनों में इसके स्वरूप पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

 

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