नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में तिहाड़ जेल प्रशासन की एक अनोखी पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। पश्चिमी दिल्ली स्थित टेगोर गार्डन के केंद्रीय विद्यालय में आयोजित पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना भी था।
दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित वन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। पौधारोपण के साथ-साथ विद्यार्थियों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में तिहाड़ जेल के सहायक अधीक्षक योगेंद्र कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिहाड़ जेल प्रशासन केवल सुरक्षा और सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज पूरे विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसका समाधान जनभागीदारी से ही संभव है।
योगेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि पौधे केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि पृथ्वी पर जीवन के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थी तथा कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विद्यालय परिसर में पौधे लगाए और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प दोहराया। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों को पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यवहारिक उपायों की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने घर और आसपास भी हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सकें।
इस अभियान को सफल बनाने में ईस्ट हील लब्स और हेल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ दिल्ली का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि स्वस्थ जीवन का आधार केवल अच्छा भोजन और व्यायाम ही नहीं, बल्कि स्वच्छ एवं हरित वातावरण भी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के पौधों की विशेषताओं और उनके पर्यावरणीय महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि एक परिपक्व वृक्ष अपने जीवनकाल में हजारों लोगों के लिए उपयोगी ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ तापमान नियंत्रित करने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों में छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों को विशेष प्राथमिकता दी गई। आयोजकों ने बताया कि इन पौधों की नियमित निगरानी की जाएगी और विद्यार्थियों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश भी प्रस्तुत किए। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का कम उपयोग करने, जल संरक्षण करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। कई विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो देश को हरित बनाने का सपना साकार हो सकता है।
आयोजकों ने बताया कि तिहाड़ जेल में भी वर्षों से पौधारोपण और नर्सरी विकास का कार्य किया जा रहा है। वहां तैयार किए गए पौधों को समय-समय पर विभिन्न विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाता है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसे जन-जागरूकता अभियान अत्यंत आवश्यक हैं। यदि विद्यालय स्तर से ही बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए तो आने वाली पीढ़ियां पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि हर नागरिक यदि पर्यावरण संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझे, तो स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत का सपना शीघ्र साकार हो सकता है।