नई दिल्ली: NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है। आज दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बनने जा रहा है। सोशल मीडिया से शुरू हुए अनोखे और चर्चित आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति मिल गई है।
पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आज दोपहर 1 बजे छात्र और युवा यहां बड़ी संख्या में जुटने वाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार प्रदर्शनकारियों को अपने साथ ‘थाली और चम्मच’ लाने को कहा गया है, ताकि बर्तन बजाकर सरकार के कानों तक छात्रों की आवाज पहुंचाई जा सके।
अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र (Open Letter) लिखा है, जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें रखी हैं:
₹1-1 करोड़ का मुआवजा: पेपर लीक और परीक्षा के तनाव के कारण हाल ही में सुसाइड करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाए। कई परिवारों ने बच्चों को पढ़ाने के लिए भारी कर्ज लिया था, जो अब गहरे संकट में हैं।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है, ताकि इस पूरे मामले की जवाबदेही तय हो सके।
“नेताओं के पास विधायक खरीदने के पैसे हैं, छात्रों के लिए नहीं” > अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के पास सांसदों और विधायकों को अपने पक्ष में करने के लिए अकूत पैसा है, लेकिन जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों की मदद के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को धीरे-धीरे व्यापार में बदलने पर भी चिंता जताई।
CJP का यह दिल्ली में दूसरा बड़ा प्रदर्शन है। इससे पहले 6 जून को भी जंतर-मंतर पर बड़ा प्रोटेस्ट हुआ था। इसके अलावा यह संगठन अब तक पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर जैसे बड़े शहरों में भी जोरदार प्रदर्शन कर चुका है।
अभिजीत दीपके ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उन सभी राजनीतिक दलों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की है, जो युवाओं के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मुद्दे पर उनकी फिलहाल राहुल गांधी से कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।
यह युवाओं द्वारा शुरू किया गया एक बेहद अनोखा सोशल मीडिया और जमीनी आंदोलन है। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान ‘कॉकरोच’ शब्द की चर्चा के बाद, अभिजीत दीपके ने इस नाम को एक व्यंग्यात्मक (Satirical) विरोध का जरिया बना दिया। देखते ही देखते इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाखों छात्र और युवा जुड़ गए, जो अब NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।