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दिल्ली में यमुना बनी मौत का जाल! 5 दोस्त उतरे नहाने, 4 को निगल गई नदी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलीपुर इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यमुना नदी में नहाने गए पांच दोस्तों का समूह तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते चार युवक नदी में डूब गए, जबकि एक युवक किसी तरह अपनी जान बचाने […]

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  • July 14, 2026 1:30 am IST, Published 42 minutes ago

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलीपुर इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यमुना नदी में नहाने गए पांच दोस्तों का समूह तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते चार युवक नदी में डूब गए, जबकि एक युवक किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, गोताखोरों की टीम और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान के दौरान दो शव बरामद कर लिए गए, जबकि दो अन्य युवकों की तलाश लगातार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी युवक रविवार दोपहर यमुना नदी के किनारे घूमने पहुंचे थे। गर्मी और उमस के कारण उन्होंने नदी में नहाने का फैसला किया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर बाद नदी के बीच में तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण चार युवक पानी में फंस गए। उन्होंने बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे खुद को संभाल नहीं सके।

बताया जा रहा है कि पांचवां युवक किसी तरह तैरकर किनारे तक पहुंच गया और उसने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत अभियान शुरू किया गया।

घटना के बाद NDRF की विशेष टीम, दिल्ली पुलिस, स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। आधुनिक उपकरणों, मोटर बोट और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से नदी में कई घंटों तक तलाश की गई। अभियान के दौरान दो युवकों के शव बरामद कर लिए गए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, शेष दो युवकों की तलाश देर रात तक जारी रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नदी में जलस्तर बढ़ा हुआ है और हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तेज है। इसी वजह से बचाव कार्य में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक लापता युवकों का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।

घटना की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। कई परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द लापता युवकों की तलाश पूरी करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने भी हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की।

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और पानी के भीतर गहरे गड्ढे तथा तेज धाराएं बन जाती हैं। ऐसे में नदी में नहाना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। कई बार सामान्य दिखने वाला पानी कुछ ही दूरी पर अत्यधिक गहरा और खतरनाक हो जाता है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यमुना नदी या किसी भी जलाशय में बिना सुरक्षा व्यवस्था के न उतरें। विशेष रूप से मानसून के दौरान नदी में नहाने या सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचें। प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यमुना नदी के कई घाटों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि यदि पहले से सुरक्षा उपाय मजबूत किए जाएं तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता युवकों की तलाश पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता राहत एवं बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि प्राकृतिक जल स्रोतों में बिना पर्याप्त जानकारी और सुरक्षा के उतरना कितना खतरनाक हो सकता है। हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों में बरसात के मौसम के दौरान नदियों और झीलों में डूबने की कई घटनाएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जनजागरूकता, चेतावनी संकेतों की व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाकर ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है।

फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और सभी की निगाहें राहत अभियान पर टिकी हुई हैं। परिजन अपने लापता बेटों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि बचाव दल लगातार नदी में खोजबीन कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

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