सूरत: गुजरात के सूरत से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शहर के खंड बाजार इलाके में स्थित एक ज्वेलरी बनाने वाली यूनिट के सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। टैंक के भीतर दम घुटने के कारण सभी मजदूर बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की जगह: सूरत का खंड बाजार इलाका, जहां एक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के सेप्टिक टैंक की सफाई चल रही थी।
सुरक्षा में भारी लापरवाही: शुरुआती जांच के मुताबिक, टैंक में उतरने वाले मजदूरों के पास कोई भी सुरक्षा उपकरण (Safety Gear) नहीं थे।
दम घुटने से मौत: टैंक के अंदर बनी जहरीली गैस के कारण चारों मजदूर तत्काल बेहोश हो गए और समय पर ऑक्सीजन न मिलने से दम टूट गया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर युवा थे। पुलिस द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
निमेश विट्ठलभाई सावलिया (उम्र: 26 वर्ष)
विकास कुमार संतोषभाई सोनावणे (उम्र: 24 वर्ष)
विजय भीखाभाई अहिरे (उम्र: 24 वर्ष)
योगेश नानाभाई जाधव (उम्र: विवरण प्रतीक्षित)
स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारों मजदूर बिना किसी मास्क, बेल्ट या सुरक्षा मानकों के ही गहरे सेप्टिक टैंक के भीतर दाखिल हुए थे। जैसे ही पहला मजदूर नीचे गया, वह गैस के प्रभाव से बेहोश हो गया। उसे बचाने और काम पूरा करने के चक्कर में एक-एक कर चारों उसकी चपेट में आ गए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रिहायशी और कमर्शियल इलाके में चल रही इस यूनिट में बिना सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों को टैंक में उतारने की अनुमति किसने दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।