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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी,57 दिनों की शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

  भगवान शिव के पवित्र धाम श्री अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। तड़के सुबह जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की […]

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Lieutenant Governor Manoj Sinha
Gauravshali Bharat News
  • July 2, 2026 12:31 pm IST, Published 2 hours ago

 

भगवान शिव के पवित्र धाम श्री अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। तड़के सुबह जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की औपचारिक शुरुआत की।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक कुल 57 दिनों तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग और अपेक्षाकृत छोटे बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।

पहले जत्थे में केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराया, RFID कार्ड प्राप्त किया और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की थी। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और मेडिकल सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, आवास, परिवहन और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी इंतजाम किए गए हैं। मौसम और सुरक्षा परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम मानी जाने वाली यह यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में शामिल है।

 

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