BPSC परीक्षा में बड़ा बदलाव, अब हर प्रश्न में 5 विकल्प अन्यथा अंक काटे जाएंगे

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी बहुविकल्पीय (MCQ) परीक्षाओं की उत्तर प्रणाली में महत्वपूर्ण और व्यापक बदलाव की घोषणा की है। यह नई व्यवस्था आगामी सभी परीक्षाओं में लागू की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और मूल्यांकन के लिहाज से सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा […]

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  • May 1, 2026 5:38 pm IST, Published 1 hour ago

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी बहुविकल्पीय (MCQ) परीक्षाओं की उत्तर प्रणाली में महत्वपूर्ण और व्यापक बदलाव की घोषणा की है। यह नई व्यवस्था आगामी सभी परीक्षाओं में लागू की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और मूल्यांकन के लिहाज से सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

नए नियमों के तहत अब प्रत्येक प्रश्न के लिए चार की बजाय पाँच विकल्प (A, B, C, D और E) उपलब्ध होंगे। इसमें विकल्प ‘E’ को विशेष रूप से “प्रयास नहीं किया गया” (Not Attempted) के रूप में निर्धारित किया गया है। इसका मतलब यह होगा कि अभ्यर्थी यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से ‘E’ विकल्प का चयन करना होगा। पहले की व्यवस्था में केवल चार विकल्प दिए जाते थे और अभ्यर्थियों के लिए किसी भी प्रश्न को खाली छोड़ने की स्पष्ट बाध्यता नहीं थी। इसी कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार कई प्रश्न बिना उत्तर दिए छोड़ देते थे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में असमानता और अस्पष्टता की स्थिति उत्पन्न होती थी।

नई व्यवस्था में अब उत्तर देने की प्रक्रिया अधिक अनुशासित होगी। अभ्यर्थी यदि प्रश्न का उत्तर देना चाहता है तो उसे A, B, C या D में से किसी एक सही विकल्प का चयन करना होगा। वहीं, यदि वह प्रश्न का प्रयास नहीं करता है, तो उसे ‘E’ विकल्प चुनना अनिवार्य होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी A से E तक किसी भी विकल्प का चयन नहीं करता है, तो ऐसे प्रत्येक अनुत्तरित प्रश्न को नियमों के अनुसार नकारात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) के दायरे में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में 1/3 अंक की कटौती की जाएगी।

इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, वास्तविक प्रदर्शन का बेहतर आकलन करना और बिना प्रयास किए छोड़े गए प्रश्नों की प्रवृत्ति को रोकना है। आयोग का मानना है कि इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों की तैयारी और उत्तर देने की गंभीरता का अधिक सटीक मूल्यांकन संभव होगा।

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