RGPV पेपर चोरी मामला: परीक्षा से पहले गायब हुए 9 बंडल

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित तकनीकी विश्वविद्यालय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्रश्नपत्रों के नौ बंडल गायब होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने […]

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  • July 4, 2026 9:00 pm IST, Published 54 minutes ago

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित तकनीकी विश्वविद्यालय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्रश्नपत्रों के नौ बंडल गायब होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल संबंधित परीक्षा को स्थगित कर दिया है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के सेकेंड ईयर (चौथे सेमेस्टर) के छात्रों की कंप्यूटर विषय की परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले छात्रों को सूचित किया गया कि तकनीकी कारणों से परीक्षा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इसके कुछ देर बाद पता चला कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों के कई बंडल गायब हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अलग-अलग विषयों के करीब नौ बंडल प्रश्नपत्र गायब पाए गए हैं। यह जानकारी सामने आते ही विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन ने तत्काल परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया ताकि किसी भी प्रकार की गोपनीयता भंग होने की आशंका से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि चोरी हुए प्रश्नपत्र परीक्षा में उपयोग किए जाते, तो परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते। इसी कारण परीक्षा को रोकना आवश्यक समझा गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। साथ ही प्रश्नपत्रों की पैकिंग, वितरण और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह घटना केवल सामान्य चोरी नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे किसी संगठित साजिश की भी संभावना हो सकती है। इसलिए जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र कब और किस परिस्थिति में गायब हुए तथा इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। जिन परीक्षाओं पर इस घटना का प्रभाव पड़ा है, उनके लिए नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

इस घटना के बाद छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्र परीक्षा केंद्र तक पहुंच चुके थे, लेकिन परीक्षा स्थगित होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। छात्रों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी पूरी होने के बावजूद अचानक परीक्षा टलने से मानसिक दबाव बढ़ गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय से जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग की है ताकि उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित न हो।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा किसी भी परीक्षा प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। यदि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता से समझौता होता है, तो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पहले भी देश के विभिन्न राज्यों में प्रश्नपत्र लीक और चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं या दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। ऐसे मामलों से छात्रों का समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए विशेषज्ञ लगातार सुरक्षित डिजिटल और बहु-स्तरीय परीक्षा सुरक्षा प्रणाली लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।

फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्नपत्र चोरी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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