प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 का आगाज़ गुरुवार से हो गया है। इस बार लगभग 19.94 लाख अभ्यर्थी शिक्षक बनने की पहली बड़ी परीक्षा में शामिल होंगे। पहली बार इस परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से किया जा रहा है, जिसे पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम किए गए हैं।
तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को कुल पांच पालियों में आयोजित होगी। इसके लिए प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की निगरानी के लिए आयोग ने अपने सदस्यों के साथ सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया है, जिन्होंने परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस बार परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था है। सभी परीक्षा केंद्रों के कमरों और संवेदनशील स्थानों को AI-सक्षम सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा गया है। इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग जिला स्तर के कंट्रोल रूम के साथ-साथ आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से की जाएगी। परीक्षा से पहले सभी केंद्रों की तकनीकी कनेक्टिविटी का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 2 जुलाई की दोनों पालियों और 3 जुलाई की पहली पाली में उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्तर की परीक्षा होगी। वहीं 3 जुलाई की दूसरी पाली और 4 जुलाई की पहली पाली में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) स्तर के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
शासन के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विशेष निगरानी दल लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकल कराने, प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
करीब 20 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर प्रशासन, आयोग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। उद्देश्य केवल एक है—हर योग्य अभ्यर्थी को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा का अवसर मिल सके।