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आंध्र प्रदेश से ग्रामीण विकास की नई शुरुआत, शिवराज ने लॉन्च की ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना

आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मौजूदगी में इस योजना की शुरुआत करते हुए इसे […]

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  • July 2, 2026 4:51 pm IST, Published 1 hour ago

आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मौजूदगी में इस योजना की शुरुआत करते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए परिवर्तनकारी पहल बताया।

अपने संबोधन की शुरुआत भगवान वेंकटेश्वर को नमन करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि “हर हाथ को काम और हर पेट को रोटी मिले।” उन्होंने कहा कि यह योजना इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जहां मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत अब 125 दिनों तक रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल दिनों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर केंद्रित नई सोच का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि योजना के पहले वर्ष में लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि अगले पांच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इस राशि का लाभ देश की 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा, जिससे प्रत्येक पंचायत को औसतन हर वर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक की विकास राशि उपलब्ध होगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव में कौन-सा विकास कार्य होगा, इसका निर्णय दिल्ली या राज्य की राजधानी से नहीं बल्कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत करेंगी। सड़क, तालाब, आंगनवाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, जल संरक्षण या अन्य विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि योजना के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि ग्राम रोजगार सहायकों और मैदानी कर्मचारियों को समय पर वेतन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।

आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि आंध्र प्रदेश को अगले नौ महीनों के लिए योजना के तहत 7,707 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 74,212 नए पक्के मकानों की स्वीकृति और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 146 नई सड़कों तथा 19 पुलों के निर्माण के लिए 422 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी भी दी गई।

तोता परी आम के किसानों को राहत देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत आम की खरीद करेगी, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। साथ ही वैज्ञानिकों की टीम नई किस्मों और उत्पादकता बढ़ाने पर भी कार्य करेगी।

चंद्रबाबू नायडू: गांवों के विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने योजना को ग्रामीण भारत के लिए बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग, आधार आधारित भुगतान, जियो-टैगिंग और रियल टाइम निगरानी से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार रायलसीमा क्षेत्र को देश का प्रमुख हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए लगभग एक लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक और निजी निवेश की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य “स्वर्ण आंध्र प्रदेश” का निर्माण है और राज्य को एक स्थायी राजधानी के साथ विकास के नए दौर में ले जाना है।

पवन कल्याण ने की शिवराज सिंह की सराहना

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का सार्वजनिक जीवन किसानों, ग्रामीण भारत और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से आंध्र प्रदेश को ग्रामीण विकास के लिए बड़ी वित्तीय सहायता मिली है, जिससे पंचायत व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास कार्यों को नई गति मिली है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने पौधरोपण किया, विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रदर्शनी भी देखी।

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