नयी दिल्ली: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पेपर लीक जैसे मामलों में जल्द कार्रवाई हो और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पहले से ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था उसी प्रयास का हिस्सा है, जिससे ऐसे मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं का विश्वास बनाए रखना और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
पेपर लीक के मुद्दे पर हाल के दिनों में संसद के भीतर और बाहर लगातार चर्चा हो रही है। विभिन्न राजनीतिक दल भी इस विषय पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का यह ऐलान परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।