भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत INS तरकश मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस में अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अगली परिचालन तैनाती के लिए रवाना हो गया है। यह यात्रा केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच रणनीतिक, सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनी।
पोर्ट कॉल के दौरान INS तरकश के अधिकारियों और चालक दल ने विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई। जहाज के दल ने मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, जिनका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और पेशेवर दक्षता को बढ़ाना था। इसके साथ ही दोनों देशों के सुरक्षा कर्मियों के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मुकाबला भी आयोजित किया गया, जिसने आपसी सहयोग और सौहार्द को नई मजबूती दी।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहाज पर विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इसमें मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत और योग की वैश्विक पहचान को भी बढ़ावा मिला।
INS तरकश को एक दिन के लिए आम जनता के लिए भी खोला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने युद्धपोत का भ्रमण किया। खास बात यह रही कि भारतीय मूल के लोगों सहित सैकड़ों आगंतुकों ने जहाज की अत्याधुनिक तकनीक और नौसेना की कार्यप्रणाली को करीब से देखा। इस पहल ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और विश्वास को और मजबूत किया।
दौरे के दौरान INS तरकश के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन रोहित मिश्रा ने मॉरीशस के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त से शिष्टाचार मुलाकात की। इन बैठकों में समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय समुद्री उपस्थिति क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। मॉरीशस जैसे मित्र देशों के साथ बढ़ता सहयोग समुद्री निगरानी, आपदा प्रबंधन और सामरिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है। INS तरकश की यह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों की एक और मजबूत कड़ी साबित हुई।