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मेटा : स्कैम विज्ञापनों पर उठे सवाल

सरकार के सामने माना- खास कंटेंट को बूस्ट करने के लिए मिले पैसे नई दिल्ली। सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) एक बार फिर विवादों में है। कंपनी ने बुधवार को सरकार के समक्ष स्वीकार किया कि कुछ विशेष प्रकार के कंटेंट को अधिक लोगों तक पहुंचाने (बूस्ट करने) के लिए उसे भुगतान किया गया था। […]

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  • August 6, 2026 9:52 am IST, Published 1 hour ago

सरकार के सामने माना- खास कंटेंट को बूस्ट करने के लिए मिले पैसे

नई दिल्ली। सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) एक बार फिर विवादों में है। कंपनी ने बुधवार को सरकार के समक्ष स्वीकार किया कि कुछ विशेष प्रकार के कंटेंट को अधिक लोगों तक पहुंचाने (बूस्ट करने) के लिए उसे भुगतान किया गया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद कंपनी के विज्ञापन मॉडल और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

स्कैम विज्ञापनों से अरबों डॉलर की कमाई का दावा

इस बीच, पिछले वर्ष रॉयटर्स की एक रिपोर्ट फिर चर्चा में आ गई है। रिपोर्ट में मेटा के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि कंपनी ने अनुमान लगाया था कि धोखाधड़ी (Scam) और प्रतिबंधित वस्तुओं से जुड़े विज्ञापनों के जरिए उसकी कुल वार्षिक आय का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा आता है।

दस्तावेजों के अनुसार, मेटा के प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन करीब 15 अरब हाई-रिस्क स्कैम विज्ञापन उपयोगकर्ताओं को दिखाए जाते थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कंपनी को ऐसे विज्ञापनों से हर साल लगभग 7 अरब डॉलर की कमाई होती थी।

कंटेंट फिल्टर पर भी सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली में गंभीर कमियां थीं। दावा किया गया कि कंपनी किसी विज्ञापनदाता पर तभी कार्रवाई करती थी, जब उसके ऑटोमेटेड सिस्टम को 95 प्रतिशत से अधिक यकीन हो जाता था कि वह विज्ञापन धोखाधड़ी से जुड़ा है। इस वजह से बड़ी संख्या में संदिग्ध विज्ञापन लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर चलते रहे।

यूजर शिकायतों की अनदेखी का आरोप

रॉयटर्स के अनुसार, वर्ष 2023 में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं ने हर सप्ताह लगभग एक लाख वैध शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें स्कैम और फर्जी संदेशों की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंपनी ने इनमें से करीब 96 प्रतिशत शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया या खारिज कर दिया।

इंटरनल रिपोर्ट में क्या कहा गया?

रिपोर्ट में दावा किया गया कि मेटा के आंतरिक आकलन में यह पाया गया था कि उसके प्लेटफॉर्म वैश्विक ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। मई 2025 की एक आंतरिक प्रस्तुति में कथित तौर पर कहा गया कि अमेरिका में दर्ज सभी ऑनलाइन स्कैम मामलों में लगभग एक-तिहाई मामलों में मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हुआ था।

मेटा ने आरोपों को किया खारिज

इन आरोपों पर पहले मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा था कि रॉयटर्स द्वारा उद्धृत दस्तावेज कंपनी के प्रयासों की अधूरी तस्वीर पेश करते हैं। उनका कहना था कि मेटा ने धोखाधड़ी और स्कैम रोकने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया है और कंपनी लगातार अपने सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर रही है।

हालिया घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों की पारदर्शिता, कंटेंट मॉडरेशन और यूजर सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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