• होम
  • देश
  • सौरव दास, अजिंक्य शिंदे और आशुतोष रांका को पांच दिन की हिरासत

सौरव दास, अजिंक्य शिंदे और आशुतोष रांका को पांच दिन की हिरासत

रत्ना सिंह ने यह दावा भी किया कि गिरफ्तार किए गए नेताओं को देर रात तक अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें सुबह करीब तीन बजे एक निजी वैन में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया। ये आरोप उनकी ओर से सार्वजनिक किए गए हैं। इस संबंध में पुलिस का पक्ष और अन्य आधिकारिक विवरण सामने आने पर...

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 14, 2026 10:53 am IST, Published 18 seconds ago

नई दिल्ली: में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में अजिंक्य शिंदे का नाम भी शामिल है। तीनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उन पर बिना अनुमति निर्धारित क्षेत्र में प्रवेश करने, पहले से भरे गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह अजिंक्य शिंदे, सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस बैरिकेड्स पार कर जंतर-मंतर की ओर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। बुधवार सुबह करीब आठ बजे उन्हें दिल्ली के मंदिर मार्ग क्षेत्र में स्थित मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पेशी के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात कही गई है। अजिंक्य शिंदे के संबंध में आगे की कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

इससे पहले भी इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। बताया गया है कि उस समय उन्हें 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरने और एक वर्ष तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने की शर्त पर रिहा किया गया था। मौजूदा मामले में पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बिना अनुमति प्रवेश किया और बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्रवाई और लगाए गए आरोपों के संबंध में अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई तथा आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।

कॉकरोच जनता पार्टी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मामले की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि तीनों के खिलाफ बिना अनुमति प्रवेश, बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

रत्ना सिंह ने यह दावा भी किया कि गिरफ्तार किए गए नेताओं को देर रात तक अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें सुबह करीब तीन बजे एक निजी वैन में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया। ये आरोप उनकी ओर से सार्वजनिक किए गए हैं। इस संबंध में पुलिस का पक्ष और अन्य आधिकारिक विवरण सामने आने पर घटनाक्रम की अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।

यह घटनाक्रम दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। CJP और कुछ अन्य समूह मतदाता सूची की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इन समूहों की मांगों और आरोपों के बीच राजधानी में प्रदर्शन स्थलों तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा जारी है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसी आदेश में जंतर-मंतर को प्रदर्शन की अनुमति वाले स्थानों की सूची से हटाने की बात कही गई है। ऐसे में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

फिलहाल, इस प्रकरण में नेताओं पर लगाए गए आरोप, बॉन्ड की शर्तों और गिरफ्तारी के दौरान कथित प्रक्रियागत मुद्दों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह अदालत की कार्यवाही और संबंधित अधिकारियों की ओर से सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगा।

 

Advertisement