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महिला आरक्षण बिल पर आधी रात को नोटिफिकेशन जारी करने के क्या मायने हैं?

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, इस कानून के लागू होने के बावजूद इसका वास्तविक असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी आरक्षण लागू हो सकेगा। बिना आधिकारिक अधिसूचना […]

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  • April 17, 2026 11:01 am IST, Published 3 weeks ago

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, इस कानून के लागू होने के बावजूद इसका वास्तविक असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। पहले जनगणना और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी आरक्षण लागू हो सकेगा। बिना आधिकारिक अधिसूचना के इस कानून में कोई संशोधन संभव नहीं था, इसलिए इसे जारी करना एक आवश्यक प्रक्रियागत कदम माना जा रहा है।  संसद में महिला आरक्षण को लेकर तीखी बहस चल रही थी, और उसी दौरान सरकार ने चुपचाप यह बड़ा कदम उठा लिया। संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जाता है, को 16 अप्रैल 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी की गई है। इसका मतलब यह है कि कानून अब कागज पर पूरी तरह लागू हो गया है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका प्रभाव फिलहाल नहीं दिखेगा।

मौजूदा लोकसभा में इसका लाभ क्यों नहीं मिलेगा?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, महिला आरक्षण सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले जनगणना और फिर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। यानी साफ है कि  मौजूदा लोकसभा में इसका कोई असर देखने को नहीं मिलेगा।

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