चंडीगढ़। पंजाब में पर्यटन को लेकर जारी ताजा आंकड़ों ने दो अलग-अलग तस्वीरें सामने रखी हैं। एक ओर राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे साफ है कि पंजाब धार्मिक पर्यटन के दम पर देश के भीतर से बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी लोकप्रियता कमजोर पड़ती जा रही है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पंजाब में 3.32 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे, जबकि 2021 में यह संख्या 2.66 करोड़ थी। यानी पांच वर्षों में घरेलू पर्यटन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में पंजाब में 2.61 करोड़ घरेलू पर्यटक आए। 2023 में यह संख्या बढ़कर 3.57 करोड़ हो गई, जो पांच वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर था। हालांकि 2024 में यह घटकर 2.77 करोड़ रह गई, लेकिन 2025 में फिर बढ़कर 3.32 करोड़ पहुंच गई।
विदेशी पर्यटकों के मामले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वर्ष 2021 में पंजाब में 3.08 लाख विदेशी पर्यटक आए थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 3.29 लाख और 2023 में रिकॉर्ड 7.42 लाख तक पहुंच गई।
लेकिन इसके बाद गिरावट का दौर शुरू हुआ। वर्ष 2024 में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटकर 5.42 लाख रह गई और 2025 में यह केवल 1.63 लाख दर्ज की गई। यानी 2021 की तुलना में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब 47 प्रतिशत की कमी आ गई।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
विभाग का कहना है कि इन कारणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी ताकि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई रणनीति तैयार की जा सके।
पंजाब आने वाले अधिकांश पर्यटक धार्मिक और विरासत स्थलों का रुख करते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अनुसार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से पीछे रह गया है। इसी अवधि में राजस्थान में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 5,488 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 1,620 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के प्रशासनिक सचिव कुमार अमित ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये आंकड़े केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार कर राज्यसभा में प्रस्तुत किए हैं।