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27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें भद्रा का समय

नई दिल्ली : सनातन धर्म में नारायण को समर्पित एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी पर व्रत रखने और विष्णु भगवान की उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मोहिनी एकादशी के […]

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  • April 26, 2026 10:10 am IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली : सनातन धर्म में नारायण को समर्पित एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी पर व्रत रखने और विष्णु भगवान की उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मोहिनी एकादशी के दिन विष्णु भगवान की पूजा, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।

एकादशी तिथि 26 अप्रैल रविवार को शाम 6 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और 27 अप्रैल की शाम 6 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। हालांकि, उदयातिथि के हिसाब से एकादशी तिथि का मान 27 अप्रैल को ही पूरे दिन होगा। सोमवार को सूर्योदय 5 बजकर 44 मिनट पर होगा। वहीं, सूर्यास्त शाम 6 बजकर 54 मिनट पर होगा। योग ध्रुव शाम 9 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी शाम 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। वहीं, प्रातः सन्ध्या सुबह 4 बजकर 39 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। 27 अप्रैल को अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों ही उपलब्ध हैं। इन मुहूर्तों में कोई भी शुभ कार्य शुरू करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। अभिजित मुहूर्त की बात करें तो दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से 4 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।

गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 53 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 7 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 2 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। वहीं, दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 23 मिनट से 4 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। भद्रा सोमवार को सुबह 6 बजकर 7 मिनट से शाम 6 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। भद्रा के समय किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ से बचना चाहिए।

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