केरल वायनाड भूस्खलन: भारी बारिश से तबाही, 3 की मौत

वायनाड (केरल): केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसमें पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिरता दिखाई देता है। देखते ही देखते धूल और मलबे का विशाल […]

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  • July 7, 2026 11:30 pm IST, Published 1 hour ago

वायनाड (केरल): केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसमें पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिरता दिखाई देता है। देखते ही देखते धूल और मलबे का विशाल गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया और आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा वायनाड के सुरंग (टनल) निर्माण क्षेत्र के पास हुआ। भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।

लगातार बारिश बनी बड़ी वजह

मौसम विभाग के अनुसार पिछले कई दिनों से वायनाड और आसपास के इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो गई, जिससे भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार पानी भरने से पहाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और अचानक उसका बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

सीसीटीवी में कैद हुआ भयावह मंजर

घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें सड़क किनारे खड़े लोग और वाहन सामान्य रूप से दिखाई देते हैं। अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरने लगता है। कुछ ही सेकंड में धूल और मलबे का गुबार पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लेता है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई देते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस भयावह घटना को देखकर हैरान हैं।

सुरंग निर्माण क्षेत्र के पास हुआ हादसा

प्रशासन के मुताबिक भूस्खलन सुरंग निर्माण परियोजना के नजदीक हुआ। आशंका है कि उस समय निर्माण कार्य से जुड़े कई कर्मचारी आसपास मौजूद थे। राहत टीम यह पता लगाने में जुटी है कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति तो नहीं फंसा है। एनडीआरएफ, पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू तथा स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रहे हैं।

राहत एवं बचाव अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। बारिश के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन टीमों ने अभियान तेज कर दिया है।

घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने आसपास के संवेदनशील इलाकों पर भी निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी दूसरी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। वायनाड सहित पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने नदी, नाले और पहाड़ी ढलानों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। स्थानीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

वायनाड जिला भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। मानसून के दौरान यहां कई बार भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा, ढलानों पर दबाव और मिट्टी के कमजोर होने के कारण ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है। साथ ही संवेदनशील इलाकों की नियमित निगरानी और समय पर चेतावनी प्रणाली को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन पर संपर्क करने को कहा गया है।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों की तलाश पूरी होने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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