छात्रों को राजनीति से दूर रखने का मामला

 मद्रास हाई कोर्ट ने याचिका वापस लेने की दी अनुमति, सरकार के परिपत्र को लिया रिकॉर्ड में चेन्नई : मद्रास हाई कोर्ट ने स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल किए जाने के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका को सोमवार को वापस लेने की अनुमति दे दी है [cite: मद्रास हाई […]

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  • July 14, 2026 9:10 am IST, Published 2 hours ago

 मद्रास हाई कोर्ट ने याचिका वापस लेने की दी अनुमति, सरकार के परिपत्र को लिया रिकॉर्ड में

चेन्नई : मद्रास हाई कोर्ट ने स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल किए जाने के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका को सोमवार को वापस लेने की अनुमति दे दी है [cite: मद्रास हाई कोर्ट ने स्कूल और कालेज के छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सोमवार को वापस लेने की अनुमति दे दी।]। यह याचिका अन्नाद्रमुक (AIADMK) नेता वीपी परमासिवम द्वारा दायर की गई थी।

अदालत को यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पहले ही एक परिपत्र (circular) जारी कर दिया है, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने खुद अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया और कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया [cite: राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए परिपत्र जारी किए जाने की जानकारी कोर्ट को देने के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।]।

कोर्ट की मुख्य बातें और महाधिवक्ता का बयान

  • खंडपीठ का निर्देश: मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने राज्य सरकार के 10 जुलाई के उस परिपत्र को आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड में ले लिया, जिसमें स्कूलों व कॉलेजों जैसी जगहों पर राजनीतिक गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है [cite: मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने राज्य सरकार के 10 जुलाई के परिपत्र को रिकार्ड में लिया, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है।]।

  • सरकार का पक्ष: सुनवाई के दौरान तमिलनाडु के महाधिवक्ता (Advocate General) विजय नारायण ने अदालत को अवगत कराया कि सरकार ने शिक्षण संस्थानों को राजनीति से दूर रखने के लिए पुख्ता कदम उठा लिए हैं।

  • अन्य मामले लंबित: अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसी विषय से जुड़ी कुछ अन्य याचिकाएं पहले से ही अदालत में लंबित हैं।

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