SIT रिपोर्ट में चंपत राय समेत 17 आरोपी

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड:  FIR होना तय; केजरीवाल ने बताया ‘फर्जी‘ अयोध्या / लखनऊ: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दानपात्रों से कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आते ही हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 25, 2026 5:33 am IST, Published 1 hour ago

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड:  FIR होना तय; केजरीवाल ने बतायाफर्जी

अयोध्या / लखनऊ: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दानपात्रों से कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आते ही हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इन सभी के खिलाफ जल्द ही एफआईआर (FIR) दर्ज होना लगभग तय माना जा रहा है।

इस बड़े विवाद और आरोपों के बीच, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मंगलवार शाम को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ही आयोजित शेषावतार मंदिर के शिखर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम का मंच संचालन भी किया, लेकिन मीडिया के सामने चढ़ावा चोरी के आरोपों पर कोई भी बयान देने से पूरी तरह बचते नजर आए।

SIT की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

SIT की मैराथन जांच के दौरान कई चौंकाने वाली कड़ियां सामने आई हैं, जो मंदिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन की ओर इशारा करती हैं:

  • टिन्नू के पास मिलीं चाबियां: जांच टीम को दानपात्रों (Donation Boxes) की चाबियां मुख्य लॉकर या अधिकृत व्यक्ति के बजाय रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू नाम के सेवादार के पास से बरामद हुईं।
  • प्राण प्रतिष्ठा के बाद 150 लोग रडार पर: SIT ने मंदिर परिसर से जुड़े करीब 150 ऐसे सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक और बेहद तेजी से बदली है।
  • करीबी के पास लग्जरी कारें: चंपत राय के बेहद करीबी माने जाने वाले फूलकांत मिश्रा भी जांच के दायरे में हैं। उनके पास अचानक आई 25 लाख रुपये मूल्य की 3 लग्जरी कारें मिलने के बाद वित्तीय लेन-देन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शेषावतार मंदिर में संतों ने किया ध्वजारोहण, सौंपी 300 साल पुरानी पांडुलिपि

इस गहमागहमी के बीच शेषावतार मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन संपन्न हुआ, जिसमें करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। इस दौरान:

  • लखनऊ अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के कारण दोनों डिप्टी सीएम (ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य) ने अपना अयोध्या दौरा रद्द कर दिया।
  • कार्यक्रम में जंगजीत बहादुर सिंह नामक रामभक्त ने अपने पूर्वजों द्वारा सहेजकर रखी गई रामचरितमानस की 300 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि को ‘रामकथा संग्रहालय’ को समर्पित किया, जिसे चंपत राय की मौजूदगी में संतों ने स्वीकार किया।

सियासी घमासान: केजरीवाल ने उठाए SIT पर सवाल, संजय सिंह देंगे सबूत

राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने अब भारी राजनीतिक रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दल इस मामले में सरकार और ट्रस्ट को घेर रहे हैं:

बिना FIR के बनी यह SIT सिर्फ मामले को दबाने और बड़े लोगों को बचाने के लिए बनाई गई है। इसके पास तो समन भेजने का अधिकार है और ही गिरफ्तारी का। हर सनातनी पूछ रहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की जांच ED और CBI को क्यों नहीं सौंपी जा रही?”अरविंद केजरीवाल (संयोजक, आम आदमी पार्टी)

वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने कहा है कि SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने उन्हें मुलाकात का समय दिया है। संजय सिंह आज (25 जून को सुबह 11 बजे) लखनऊ में इस चढ़ावा चोरी से जुड़े तमाम अहम सबूत और दस्तावेज व्यक्तिगत रूप से SIT के सामने पेश करेंगे। दूसरी तरफ, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस पूरे चंदा/चढ़ावा चोरी केस में तुरंत सख्त धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग उठाई है।

 

Advertisement