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लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में KDA का बड़ा एक्शन, फिजिक्स वाला समेत 16 संस्थान सील

कानपुर : लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार शाम चलाए गए विशेष […]

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  • June 23, 2026 8:00 pm IST, Published 1 hour ago

कानपुर : लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार शाम चलाए गए विशेष अभियान में फिजिक्स वाला समेत 16 कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया, जबकि 22 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

KDA के उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर चार जोनों की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों, विशेषकर काकादेव कोचिंग हब में निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई संस्थान ऐसे पाए गए जो स्वीकृत भवन नक्शे के विपरीत संचालित हो रहे थे। कई जगहों पर बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के बजाय कोचिंग, लाइब्रेरी, लैब और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जो सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन माना गया।

अधिकारियों के अनुसार करीब तीन घंटे तक चले अभियान में 16 संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इनमें कुछ प्रमुख कोचिंग संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। इसके अलावा 22 अन्य संस्थानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो इनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

दरअसल, लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद प्रदेश सरकार ने सभी प्रमुख शहरों में कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए थे।

इसी के तहत कानपुर में भी ऐसे भवनों की पहचान की जा रही है जहां बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक प्रतिदिन आते हैं। प्रशासन का मानना है कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

बेसमेंट बने सबसे बड़ी चिंता

KDA की जांच में सामने आया कि शहर के कई क्षेत्रों में बेसमेंट का उपयोग गलत तरीके से किया जा रहा है। जिन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां कोचिंग क्लास, रेस्टोरेंट, स्टोर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आग लगने की स्थिति में बेसमेंट सबसे अधिक खतरनाक साबित होते हैं क्योंकि वहां से सुरक्षित निकासी मुश्किल हो जाती है।

काकादेव, स्वरूप नगर, बर्रा, जूही और अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कई भवन प्रशासन की निगरानी में हैं। आने वाले दिनों में इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

KDA उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। शहर में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास, भवन स्वीकृति और अन्य जरूरी मानकों की कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

लखनऊ हादसे के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। बड़ी संख्या में अभिभावक अब अपने बच्चों के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि प्रशासन को समय-समय पर ऐसे निरीक्षण अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

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