चंपत राय बोले- ‘कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद और ट्रस्ट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एक बयान तेजी से चर्चा में है। अपने करीबी लोगों से बातचीत में उन्होंने कहा कि “मैं कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा।” उनके इस बयान के […]

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  • July 2, 2026 12:30 am IST, Published 2 minutes ago

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद और ट्रस्ट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एक बयान तेजी से चर्चा में है। अपने करीबी लोगों से बातचीत में उन्होंने कहा कि “मैं कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि इन दिनों चंपत राय सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं और अधिकतर समय एकांत में व्यतीत कर रहे हैं।

हाल के दिनों में राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर जांच तेज हुई है। इसी क्रम में पुलिस ने चंपत राय से पूछताछ भी की और उनसे दान की प्राप्ति, गणना तथा बैंक में जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी प्रकार के आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने अपने निकट सहयोगियों से कहा कि वे अपने ऊपर लगे किसी भी प्रकार के आरोप या कलंक को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि वे सत्य सामने आने तक धैर्य बनाए रखेंगे और किसी भी प्रकार की जांच में पूरा सहयोग देंगे। यही कारण है कि उनका यह बयान अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) भी चंपत राय के समर्थन में सामने आई है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि चंपत राय पर इस्तीफे के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया और कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों को चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

उधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी अगली बैठक पहले से निर्धारित तिथि से पहले बुलाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट के भविष्य, प्रशासनिक व्यवस्था और हालिया विवादों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर लगातार बयान दे रहे हैं। विपक्ष जहां दान राशि से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा और उससे जुड़े संगठन इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। इस कारण यह मामला केवल धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील बन गया है।

चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े रहे हैं। मंदिर निर्माण की विभिन्न प्रशासनिक और संगठनात्मक जिम्मेदारियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है। ऐसे में उनके खिलाफ उठे सवाल और उनका यह भावुक बयान दोनों ही व्यापक चर्चा का विषय बन गए हैं।

फिलहाल जांच एजेंसियां अपने स्तर पर तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। आधिकारिक रूप से अभी तक किसी भी अदालत या जांच एजेंसी ने चंपत राय को दोषी घोषित नहीं किया है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में तथ्यों और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना ही उचित होगा।

इस बीच, चंपत राय का यह कथन—”कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा”—सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक इसे उनकी आत्मविश्वास भरी प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि आलोचक जांच पूरी होने तक संयम बरतने की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की बैठक और जांच की प्रगति इस पूरे प्रकरण की दिशा तय कर सकती है।

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