लखनऊ में लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दयालबाग पहुंचे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और रामविलास पासवान के पुत्र केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच मुलाकात भी हुई।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वयं कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धांजलि देना उनके और परिवार के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपना समय निकालकर जिस तरह रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी, उससे उनके परिवार के प्रति सम्मान और आत्मीयता का भाव दिखाई देता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके पिता और योगी आदित्यनाथ के बीच संबंध केवल सार्वजनिक जीवन तक सीमित नहीं थे। चिराग के मुताबिक दोनों के बीच व्यक्तिगत स्नेह और सम्मान भी रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके परिवार की ओर से योगी आदित्यनाथ के प्रति वह दिल से धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान को सरल स्वभाव वाला व्यक्ति बताते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और गरीबों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए लंबे समय तक काम किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चिराग पासवान अपने पिता के सपनों और विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान का जीवन सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उन्होंने राजनीति के जरिए वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती देने का काम किया। उनके योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले नेताओं की विरासत उनके विचारों और जनसेवा के कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ती है।
कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी पर भी राजनीतिक निशाना साधा। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी खुद को पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की राजनीति से जोड़ती है, तो उसे यह बताना चाहिए कि उसने इन वर्गों में से किन लोगों को राज्यसभा भेजा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में सपा के पास अपने राजनीतिक दावे को साबित करने का अवसर था।
चिराग का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। विभिन्न राजनीतिक दल लगातार अपने-अपने सामाजिक समीकरण और प्रतिनिधित्व को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठाते रहे हैं। चिराग ने इसी राजनीतिक संदर्भ में समाजवादी पार्टी के पीडीए के दावे पर सवाल खड़ा किया।
रामविलास पासवान भारतीय राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे और केंद्र की अलग-अलग सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। बिहार की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। विशेष रूप से सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता से उठाने के लिए उन्हें याद किया जाता है।
लखनऊ में उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राजनीतिक सम्मान के साथ उनके योगदान को याद किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और चिराग पासवान के साथ उनकी मुलाकात ने कार्यक्रम को राजनीतिक और पारिवारिक दोनों संदर्भों में खास बना दिया। इस दौरान रामविलास पासवान की विरासत, उनके सामाजिक सरोकार और गरीबों के लिए किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई।