वाराणसी में फर्जी दरोगा गिरफ्तार, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खाकी वर्दी पहनकर खुद को पुलिस विभाग का दरोगा बताता था और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी केवल 12वीं पास है और […]

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  • July 2, 2026 8:00 pm IST, Published 2 hours ago

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खाकी वर्दी पहनकर खुद को पुलिस विभाग का दरोगा बताता था और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी केवल 12वीं पास है और प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। आरोपी के पास से पुलिस जैसी वर्दी, नेम प्लेट, पहचान पत्र, बेल्ट, बैज और अन्य फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था। वह लोगों से संपर्क बनाकर खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दरोगा बताता था। अपनी बातों और वर्दी के दम पर वह लोगों का विश्वास जीत लेता था। इसके बाद सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने, पुलिस भर्ती में चयन कराने और अन्य सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाता था। वह दावा करता था कि उसके उच्च अधिकारियों से अच्छे संबंध हैं और वह बिना किसी परेशानी के नौकरी दिला सकता है। कई लोगों ने उसकी बातों पर भरोसा कर उसे लाखों रुपये तक दे दिए। जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ितों को संदेह हुआ।

इसके बाद कुछ पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पुलिस विभाग की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, नेम प्लेट, कैप, बेल्ट, बैज और कई दस्तावेज बरामद किए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाया था। इसके बाद उसने फर्जी दरोगा बनकर लोगों को धोखा देने की योजना बनाई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को गुमराह करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसके साथ इस गिरोह में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों से ठगी की और कुल कितनी रकम हासिल की। पुलिस पीड़ितों से भी अपील कर रही है कि यदि किसी व्यक्ति ने इस आरोपी को नौकरी के नाम पर पैसे दिए हैं तो वह आगे आकर शिकायत दर्ज कराए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में ठग अक्सर सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का रूप धारण कर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। बेरोजगारी और सरकारी नौकरी पाने की इच्छा का फायदा उठाकर वे लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते हैं।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर रुपये न दें। सरकारी भर्ती केवल निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से होती है। यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर नौकरी दिलाने का दावा करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। साथ ही किसी भी सरकारी अधिकारी की पहचान पर संदेह होने पर उसके पहचान पत्र और नियुक्ति संबंधी जानकारी की आधिकारिक रूप से पुष्टि अवश्य करें।

वाराणसी पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे फर्जी लोगों पर सख्त कार्रवाई करना है, जो सरकारी संस्थाओं की छवि खराब करने के साथ-साथ आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और यदि इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। केवल आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार के लालच या फर्जी आश्वासन से बचें।

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