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उड़ानों पर ‘ब्रेक’, सुरक्षा पर फोकस! कासगंज हादसे के बाद बड़ा एक्शन

अलीगढ़: कासगंज में प्रशिक्षण विमान दुर्घटना के बाद अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट पर संचालित सभी प्रशिक्षण उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। लगातार सामने आ रहे विमान हादसों ने फ्लाइंग ट्रेनिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की विस्तृत जांच पूरी होने और […]

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  • June 30, 2026 6:24 pm IST, Published 1 hour ago

अलीगढ़: कासगंज में प्रशिक्षण विमान दुर्घटना के बाद अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट पर संचालित सभी प्रशिक्षण उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। लगातार सामने आ रहे विमान हादसों ने फ्लाइंग ट्रेनिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की विस्तृत जांच पूरी होने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही प्रशिक्षण उड़ानों को दोबारा शुरू किया जाएगा।

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार चेतक एविएशन का एक प्रशिक्षण विमान नियमित अभ्यास उड़ान के लिए अलीगढ़ एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। उड़ान के कुछ समय बाद विमान से संपर्क टूट गया, जिससे एयरपोर्ट पर अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ गई। विमान से संपर्क स्थापित करने के प्रयास शुरू किए गए और आसपास के एयर ट्रैफिक नेटवर्क से जानकारी जुटाई गई। बाद में सूचना मिली कि विमान कासगंज क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल DGCA को सूचित किया और सभी प्रशिक्षण उड़ानों पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया। अब दुर्घटना के कारणों की तकनीकी जांच के साथ उड़ान संचालन और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।  पिछले 12 वर्षों में अलीगढ़ एयरपोर्ट से जुड़े प्रशिक्षण विमानों के सात बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। कभी तकनीकी खराबी, कभी रनवे दुर्घटना, तो कभी मौसम और मानवीय त्रुटियों के कारण विमान हादसे हुए हैं। वर्ष 2013 में हुए हादसे में एक पायलट की जान भी चली गई थी। हाल के वर्षों में भी कई विमान आपातकालीन लैंडिंग करने या रनवे से फिसलने जैसी घटनाओं का शिकार हुए हैं।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ताजा दुर्घटना में इंजन की तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा DGCA की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। धनीपुर एयरपोर्ट पर वर्तमान में चेतक एविएशन और पायनियर फ्लाइंग क्लब प्रशिक्षण संचालन कर रहे हैं। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रशिक्षु पायलट व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। एक प्रशिक्षु को पायलट प्रशिक्षण पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं और सामान्य दिनों में प्रतिदिन 25 से 30 प्रशिक्षण उड़ानें संचालित होती हैं।

उम्मीद की जा रही है कि जांच के आधार पर सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 

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