• होम
  • उत्तर प्रदेश
  • 21 अक्टूबर से गाजियाबाद-नोएडा में 25 दिन तक गंगाजल आपूर्ति रहेगी बंद

21 अक्टूबर से गाजियाबाद-नोएडा में 25 दिन तक गंगाजल आपूर्ति रहेगी बंद

नहर की मरम्मत पूरी होने के बाद इसे दोबारा खोला जाएगा। विभाग की योजना नवंबर के पहले सप्ताह में काम पूरा करने की है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहर में पानी छोड़ा जाएगा और फिर प्लांटों तक गंगाजल पहुंचने पर नियमित आपूर्ति बहाल हो सकेगी।

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 8, 2026 10:25 am IST, Published 2 hours ago

गाजियाबाद और नोएडा के करीब 14 लाख लोगों के सामने आने वाले दिनों में पानी की समस्या बढ़ सकती है। सिंचाई विभाग गंगनहर की सफाई और जरूरी मरम्मत के लिए पानी की आपूर्ति बंद करने जा रहा है। इसके चलते 21 अक्टूबर की शाम से गंगाजल प्लांटों तक पानी पहुंचना बंद हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, नहर से जुड़ा काम पूरा होने में करीब 20 से 25 दिन लग सकते हैं। इस अवधि में गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाकों में गंगाजल की नियमित सप्लाई नहीं हो सकेगी।

गंगाजल बंद होने का सीधा असर साहिबाबाद क्षेत्र के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, सिद्धार्थ विहार, कौशांबी और आसपास की कॉलोनियों पर पड़ेगा। नोएडा के भी बड़ी संख्या में ऐसे इलाके हैं, जहां घरेलू जरूरतों के लिए गंगाजल की आपूर्ति की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद क्षेत्र में छह लाख से ज्यादा और नोएडा में आठ लाख से अधिक लोगों तक इस व्यवस्था के जरिए पानी पहुंचता है।

वर्तमान व्यवस्था के तहत गाजियाबाद से नोएडा को भी बड़ी मात्रा में गंगाजल भेजा जाता है। प्रताप विहार स्थित प्लांट से करीब 100 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होती है। इसमें लगभग 80 क्यूसेक नोएडा, 15 क्यूसेक इंदिरापुरम और पांच क्यूसेक सिद्धार्थ विहार क्षेत्र के लिए जाता है। वहीं सिद्धार्थ विहार प्लांट से करीब 50 क्यूसेक पानी अलग-अलग इलाकों को मिलता है। इसमें वसुंधरा जोन को लगभग 23 क्यूसेक, इंदिरापुरम को सात क्यूसेक और नोएडा को करीब 20 क्यूसेक पानी दिया जाता है।

गंगाजल की आपूर्ति बंद होने की जानकारी संबंधित विभागों को पहले ही दी जा चुकी है। सिंचाई विभाग ने नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है। इसका उद्देश्य यह है कि गंगाजल की सप्लाई रुकने के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की पानी की जरूरत पूरी की जा सके।

गाजियाबाद में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नलकूपों का सहारा लिया जाएगा। वसुंधरा जोन में छोटे और बड़े नलकूपों से पानी उपलब्ध कराने की तैयारी है। इंदिरापुरम में भी नलकूपों के जरिए सीमित समय के लिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। हालांकि, सामान्य दिनों में मिलने वाली गंगाजल आपूर्ति की तुलना में यह व्यवस्था लोगों के लिए कम पड़ सकती है। ऐसे में लोगों को पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की जरूरत होगी।

हर साल दशहरा के आसपास गंगनहर में पानी बंद किया जाता है। इस दौरान नहर की सफाई, सिल्ट हटाने और जरूरी मरम्मत का काम किया जाता है। नहर में पानी बंद होने के कारण गंगाजल प्लांटों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। इस बार भी इसी प्रक्रिया के तहत आपूर्ति प्रभावित होने जा रही है। नहर की मरम्मत पूरी होने के बाद इसे दोबारा खोला जाएगा। विभाग की योजना नवंबर के पहले सप्ताह में काम पूरा करने की है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहर में पानी छोड़ा जाएगा और फिर प्लांटों तक गंगाजल पहुंचने पर नियमित आपूर्ति बहाल हो सकेगी।

इस दौरान स्थानीय निकायों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि बड़ी आबादी तक वैकल्पिक स्रोतों से पर्याप्त पानी पहुंचाया जाए। खासकर सुबह और शाम पानी की मांग बढ़ने के कारण नलकूप आधारित व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को कुछ दिनों तक पानी की आपूर्ति में कटौती और समय में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

 

 

Advertisement